भिलाई नगर। शेयर ट्रेडिंग में प्रतिमाह 10 से 15 प्रतिशत भारी मुनाफे का सपना दिखाकर 35 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश सुपेला पुलिस ने किया है। पीड़ित अविनाश कुमार द्वारा थाना सुपेला में रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और प्रथम दृष्टया अपराध पाए जाने पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में अविनाश कुमार की मुलाकात सेक्टर-1 भिलाई निवासी चंदर राव, सूर्याकांत निर्मलकर उर्फ विवान सिंघानिया एवं देवेंद्र कुमार सहारे से हुई थी। आरोपियों ने स्वयं को स्नेहांशु नामदेव की निशा बिज़नेस कंसलटेंसी एवं यूनिक इन्वेस्टमेंट सॉल्यूशन से जुड़ा बताते हुए शेयर ट्रेडिंग के नाम पर भारी मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। आरोपी पीड़ित अविनाश कुमार, उसकी बहन सोनम वर्मा (सेक्टर-7), रिश्तेदार तुलाराम चंद्राकर, संदीप चंद्राकर एवं मित्र अक्षत पाठक (आदर्शनगर, दुर्ग) को जून 2025 से अगस्त 2025 के बीच टी–सूर्यामाल स्थित कंपनी कार्यालय ले गए, जहां मुख्य आरोपी स्नेहांशु नामदेव, उनकी पत्नी डॉली नामदेव एवं निशा मानिकपुरी से मिलवाकर योजनाबद्ध तरीके से धोखाधड़ी की गई।
आरोपियों ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 10–15% प्रतिमाह मुनाफा देने का लालच देकर कुल 35 लाख रुपये निवेश कराए, लेकिन न तो मुनाफा दिया और न ही मूलधन लौटाया। पुलिस ने अपराध क्रमांक 1372/2025 धारा 318(2), 318(4), 61(2)(BNS) के तहत प्रकरण दर्ज किया। जांच के दौरान आरोपी चंदर राव के कब्जे से धोखाधड़ी की राशि से खरीदी गई लगभग 13 लाख रुपये कीमत की kia कार जब्त की गई है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। बताया गया कि इसी गिरोह के मुख्य आरोपी — स्नेहांशु नामदेव, उनकी पत्नी डॉली नामदेव तथा निशा मानिकपुरी — पहले से ही सुपेला थाने के अपराध क्रमांक 1137/2025 में 75.05 लाख रुपये की ठगी के मामले में जेल में बंद हैं।
• आरोपियों के नाम:
चंदन राव, पिता स्व. नागेश राव, उम्र 25 वर्ष, मकान नं. 10/बी, सड़क 15, सेक्टर-1, भिलाई देवेन्द्र कुमार सहारे, पिता भुकऊ सहारे, उम्र 30 वर्ष, मकान नं. 03/ए, सड़क 15, सेक्टर-1, भिलाई विवान सिंघानिया उर्फ सुर्यकांत निर्मलकर, पिता महेंद्र निर्मलकर, उम्र 28 वर्ष, मकान नं. 01/एफ, सड़क 15, सेक्टर-1, भिलाई
•कार्रवाई में शामिल पुलिस दल:
निरीक्षक विजय कुमार यादव, उपनिरीक्षक दीपक चौहान, चितराम ठाकुर, सहायक उपनिरीक्षक संतोष मिश्रा, गंगाराम यादव, प्रआर अमर सिंह, योगेश चंद्राकर, आरक्षक सूर्यप्रताप सिंह, अजीत यादव एवं प्रदीप सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस मामले के अन्य कोणों की जांच कर रही है तथा निवेशित राशि की रिकवरी के प्रयास जारी हैं।