सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार: अमित बघेल की FIR क्लबिंग याचिका खारिज, अग्रिम जमानत पर भी राहत नहीं

सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार: अमित बघेल की FIR क्लबिंग याचिका खारिज, अग्रिम जमानत पर भी राहत नहीं

रायपुर, 25 नवंबर 2025। जोहार पार्टी के प्रमुख एवं छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष अमित बघेल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अपने विवादित बयानों के बाद दर्ज कई FIR को क्लब करने की मांग लेकर सर्वोच्च न्यायालय पहुँचे अमित बघेल को कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए राहत देने से इनकार कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान साफ कहा कि जहां-जहां FIR दर्ज हुई है, आरोपी को वहीं की कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा। अग्रिम जमानत की याचिका पर भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली।

गौरतलब है कि 27 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने की घटना के बाद अमित बघेल ने अग्रसेन महाराज और सिंधी समाज के ईष्ट देवता झूलेलाल को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस बयान के बाद अग्रवाल और सिंधी समाज ने प्रदेश के साथ-साथ देशभर के 12 राज्यों में अपराध दर्ज कराया। इसके बाद से ही अमित बघेल फरार चल रहे हैं।

इन सभी मामलों को क्लब करने की मांग करते हुए उनके वकील ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर अदालत ने सख्त लहजे में टिप्पणी की—
“अपनी ज़ुबान संभालकर रखें। राज्य पुलिस आएगी, आपको अपने-अपने राज्यों में ले जाएगी। पूरे देश की सैर का आनंद लीजिए।”

कोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बाद अब अमित बघेल को हर उस राज्य में कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा, जहां-जहां FIR दर्ज हुई है।

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