देर रात शिक्षक प्रतिनिधिमंडल से मुख्यमंत्री की मुलाकात, 80-85 हजार शिक्षकों को TET की जरूरत; दूसरे राज्यों के मॉडल का होगा अध्ययन
रायपुर। छत्तीसगढ़ में TET की अनिवार्यता, पदोन्नति और वेतन विसंगति को लेकर चल रही शिक्षकों की चिंता के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ा आश्वासन दिया है। सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल से देर रात करीब 11:30 बजे हुई मुलाकात में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि TET की वजह से किसी भी शिक्षक की नौकरी नहीं जाएगी। मुख्यमंत्री से यह मुलाकात फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक मनीष मिश्रा और जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता के नेतृत्व में हुई। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को मुख्यमंत्री के सामने रखा।
80 से 85 हजार शिक्षकों को TET की जरूरत
बैठक में TET को लेकर सबसे अधिक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार के पास करीब 80 से 85 हजार शिक्षकों का आंकड़ा आया है, जिन्हें TET की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास होगा कि संबंधित शिक्षक परीक्षा उत्तीर्ण कर सकें और किसी की नौकरी प्रभावित न हो।
सरकार कराएगी TET परीक्षा?
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के माध्यम से TET परीक्षा आयोजित कराने और संबंधित शिक्षकों को परीक्षा उत्तीर्ण कराने की दिशा में आवश्यक व्यवस्था किए जाने के संकेत दिए। सरकार की कोशिश बताई गई कि प्रक्रिया में कोई शिक्षक पीछे न छूटे।
दूसरे राज्यों के मॉडल का भी अध्ययन
TET और पदोन्नति के समाधान के लिए मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश और ओडिशा में हो रही पहल का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के अधिकारी इन राज्यों से संपर्क कर वहां की व्यवस्था की जानकारी ले रहे हैं। यदि कोई व्यावहारिक समाधान सामने आता है तो छत्तीसगढ़ में भी उसका अध्ययन किया जा सकता है।
प्रमोशन में TET की अनिवार्यता पर भी चर्चा
शिक्षक प्रतिनिधियों ने पदोन्नति में TET की अनिवार्यता का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के सामने रखा। प्रतिनिधियों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा TET उत्तीर्ण करने के लिए 2028 तक का समय दिए जाने के बावजूद प्रमोशन में TET की शर्त को लेकर शिक्षकों में असमंजस है। मुख्यमंत्री ने इस विषय पर भी सरकार द्वारा विचार किए जाने की बात कही।
वेतन विसंगति पर भी जल्द समाधान का भरोसा
बैठक में लंबे समय से लंबित वेतन विसंगति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने मुख्यमंत्री को बताया कि यह समस्या शिक्षकों के बीच लंबे समय से बनी हुई है और इसे मोदी की गारंटी में भी शामिल किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस मांग से अवगत है। उन्होंने अधिकारियों से चर्चा कर मामले को आगे बढ़ाने और समाधान की दिशा में कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।
शिक्षिकाओं ने मुख्यमंत्री को बांधा रक्षा सूत्र
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान जशपुर से पहुंची शिक्षिकाओं ने उन्हें रक्षा सूत्र भी बांधा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते रहें और सरकार उनके हितों का ध्यान रखेगी।
अब सरकार के औपचारिक फैसले का इंतजार
देर रात हुई इस बैठक के बाद शिक्षकों में TET को लेकर राहत की उम्मीद जगी है। हालांकि नौकरी की सुरक्षा, TET परीक्षा, पदोन्नति में TET की शर्त और वेतन विसंगति जैसे मुद्दों पर अंतिम स्थिति सरकार के औपचारिक निर्णय और विभागीय कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी। बैठक में फेडरेशन की ओर से कौशल अवस्थी, अश्वनी कुर्रे, टिकेश्वर भोई, आदित्य गौरव साहू, दिनेश नायक सहित अन्य पदाधिकारी और जशपुर जिले के ब्लॉक अध्यक्ष व प्रतिनिधि मौजूद रहे।