जिस पार्टी ऑफिस में बैठते थे, वहीं मिली पूर्व डिप्टी स्पीकर की लाश:फंदे से लटका था शव ; 2026 में हारे थे चुनाव-मौके से मिला सुसाइड नोट; 5 बार रहे विधायक

जिस पार्टी ऑफिस में बैठते थे, वहीं मिली पूर्व डिप्टी स्पीकर की लाश:फंदे से लटका था शव ; 2026 में हारे थे चुनाव-मौके से मिला सुसाइड नोट; 5 बार रहे विधायक

YC न्यूज डेस्क पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आशीष बनर्जी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रविवार सुबह बीरभूम जिले के रामपुरहाट स्थित टीएमसी पार्टी कार्यालय में उनका शव फंदे से लटका मिला। पुलिस को कार्यालय से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। आशीष बनर्जी रामपुरहाट के वार्ड नंबर-5 स्थित हत्तलापारा इलाके में रहते थे। उनका घर पार्टी कार्यालय के पास ही था। पुलिस के अनुसार, 16 अगस्त की सुबह कार्यालय से उनका शव बरामद किया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

पांच बार विधायक रहे, मंत्री और डिप्टी स्पीकर भी बने

आशीष बनर्जी को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी और टीएमसी का वरिष्ठ नेता माना जाता था। राज्य में टीएमसी की सरकार बनने के बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। वे स्कूल शिक्षा और कृषि मंत्री भी रह चुके थे। आशीष बनर्जी 2001, 2006, 2011, 2016 और 2021 में रामपुरहाट विधानसभा सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने गए थे। पिछली ममता सरकार में उन्हें विधानसभा का डिप्टी स्पीकर भी बनाया गया था। हालांकि, 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें भाजपा उम्मीदवार ध्रुबा साहा के हाथों हार का सामना करना पड़ा। चुनाव के दौरान वे टीएमसी उम्मीदवार सायंतिका बनर्जी के समर्थन में प्रचार करते भी नजर आए थे।

2 जून को जिला अध्यक्ष पद से दिया था इस्तीफा

आशीष बनर्जी ने 2 जून को टीएमसी के बीरभूम जिला अध्यक्ष और जिला कोर कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उस समय उन्होंने कहा था कि कोर कमेटी निष्क्रिय हो गई है और उसके काम करने की जरूरत नहीं रह गई है। इस्तीफे के बाद उन्होंने खुद को पार्टी के सामान्य सदस्य के तौर पर सीमित रखने की बात कही थी। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक का माहौल है। पुलिस फिलहाल सुसाइड नोट की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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