रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार के तुरन्त बाद विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। इस फेरबदल में सबसे अहम बदलाव आबकारी विभाग का हुआ है, जो अब तक सीएम साय के पास था। इसे लखनलाल देवांगन को सौंपा गया है। नवनियुक्त मंत्रियों में गजेंद्र यादव को स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य विभाग, राजेश अग्रवाल को पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग और खुशवंत साहेब को कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, अनुसूचित जाति विकास विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल रमेन डेका ने तीनों नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत कई वरिष्ठ भाजपा नेता मौजूद रहे। खास बात यह रही कि तीन नए मंत्रियों में से राजेश अग्रवाल और खुशवंत साहेब पूर्व में कांग्रेस से जुड़े रहे हैं।
शपथ ग्रहण के बाद प्रदेशभर में समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। दुर्ग, आरंग और लखनपुर में आतिशबाजी हुई, ढोल-नगाड़ों की थाप पर कार्यकर्ता झूमते नजर आए। लखनपुर में राजेश अग्रवाल के समर्थकों ने जमकर जश्न मनाया और भाजपा के झंडे लहराए।
वहीं कांग्रेस ने इस मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा पर निशाना साधा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा ने सीनियर नेताओं को किनारे कर नए विधायकों को कैबिनेट में जगह दी है। वरिष्ठ नेताओं को मार्गदर्शक मंडल में डाल दिया गया है। यह भाजपा में वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा का प्रमाण है।नउन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि धरमलाल कौशिक और अजय चंद्राकर जैसे दिग्गज शपथ ग्रहण समारोह में भी नहीं पहुंचे। कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने भी तंज कसते हुए कहा कि भाजपा मान चुकी है कि लंबे समय तक सत्ता में रहे नेताओं ने केवल भ्रष्टाचार किया है, इसलिए उन्हें जगह नहीं दी गई। दूसरी ओर भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा का कहना है कि युवाओं को मौका देने से सुशासन और विकास की रफ्तार और तेज होगी।