
बीएसपी प्रबंधन की अपील—अफवाहों पर न करें विश्वास, बिना पुष्टि के न करें साझा
रायपुर, 19 अक्टूबर 2026। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) को बेचने की योजना संबंधी खबरों को संयंत्र प्रबंधन ने असत्य और भ्रामक बताया है। सोशल मीडिया और कुछ प्रिंट मीडिया प्रकाशनों में प्रसारित हो रही इन खबरों का इस्पात मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से खंडन किया है। वहीं, प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) की फैक्ट चेक इकाई ने भी इन दावों को झूठा और निराधार बताया है। बीएसपी प्रबंधन ने कर्मचारियों, हितधारकों और छत्तीसगढ़ की जनता से अपील की है कि वे ऐसी अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें और न ही इन्हें आगे प्रसारित करें। प्रबंधन ने कहा कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले आधिकारिक एवं प्रमाणित स्रोतों से उसकी पुष्टि करना जरूरी है।
छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान है भिलाई इस्पात संयंत्र
भिलाई इस्पात संयंत्र केवल एक औद्योगिक प्रतिष्ठान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान, गौरव और औद्योगिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्थापना के बाद से ही संयंत्र ने राज्य के औद्योगिक विकास में अहम भूमिका निभाई है। इसने रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ सहायक उद्योगों को बढ़ावा दिया है और हजारों परिवारों की आजीविका में योगदान दिया है। संयंत्र की गौरवशाली विरासत और औद्योगिक योगदान ने इसे छत्तीसगढ़ की जनता के गौरव का प्रतीक बनाया है। ऐसे में इसके भविष्य को लेकर प्रसारित होने वाली अपुष्ट खबरों से कर्मचारियों, उनके परिवारों और आम जनता के बीच अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
सेल की प्रमुख इकाई के रूप में निभा रहा अहम भूमिका
भिलाई इस्पात संयंत्र, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की प्रमुख इकाइयों में से एक है। यह देश के इस्पात क्षेत्र की प्रगति और भारत की औद्योगिक क्षमताओं को मजबूत करने में निरंतर योगदान दे रहा है। प्रबंधन ने लोगों से सतर्क रहने, आधिकारिक माध्यमों से जानकारी की पुष्टि करने और भ्रामक सूचनाएं फैलाने से बचने की अपील की है। साथ ही, किसी भी महत्वपूर्ण खबर पर विश्वास करने से पहले उसके स्रोत और प्रमाणिकता की जांच करने पर जोर दिया है।