सांसद विजय बघेल की अध्यक्षता में दिशा समिति की बैठक सम्पन्न – योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, जल संरक्षण व स्वच्छता को लेकर दिए अहम निर्देश

दुर्ग। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता दुर्ग सांसद विजय बघेल ने की। इस दौरान जिले में संचालित केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। सांसद बघेल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विकास कार्य समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी पात्र नागरिक वंचित न रहे।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में ईमानदारी, सक्रियता और जवाबदेही जरूरी है। सांसद ने अधिकारियों को नियमित स्थल निरीक्षण करने और कार्यों की स्थिति का वास्तविक आंकलन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि दिशा समिति की बैठकें कार्यों की निगरानी और लापरवाही पर समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए की जाती हैं।


जल संरक्षण और पर्यावरण पर विशेष ज़ोर

सांसद बघेल ने पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन के महत्व को रेखांकित करते हुए रेन वाटर हार्वेस्टिंग, वृक्षारोपण और सोखपीट निर्माण पर जनजागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा, “जैसे हम एक वृक्ष मां के नाम पर लगाते हैं, वैसे ही एक सोखता अपने बच्चों के भविष्य के लिए बनाएं, ताकि उन्हें जल संकट का सामना न करना पड़े।”


1716 सोखपीट ग्रामीणों ने स्वयं बनाए: ‘मोर गांव मोर पानी’ में उल्लेखनीय प्रगति

जिला पंचायत सीईओ बजरंग दुबे ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों द्वारा स्वयं प्रेरणा से अब तक 1716 सोखपीट बनाए गए हैं। इसके अलावा जल बहाव क्षेत्र में 300 सोखपीट निर्माण की योजना के अंतर्गत 75 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। सांसद बघेल ने इस जनसहभागिता को सराहा और जिला प्रशासन को बधाई दी।


आंगनबाड़ी भवनों की मरम्मत के निर्देश

महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा में जानकारी दी गई कि जिले में कुल 1551 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें से 25 भवन जर्जर स्थिति में हैं। सांसद ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नए भवनों की स्वीकृति मिलते ही पुराने भवनों को ध्वस्त कर निर्माण कार्य शुरू किया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।


स्वास्थ्य सेवाएं और सिकलसेल पर विशेष फोकस

सांसद बघेल ने डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने, अस्पतालों में सुविधाएं दुरुस्त रखने और सिकलसेल रोग के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। जिले में वर्तमान में 6 डायलिसिस मशीनें कार्यरत हैं, जो गंभीर मरीजों को राहत दे रही हैं।


धान पर निर्भरता घटाने और सूर्यमुखी जैसी वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने का सुझाव

कृषि की समीक्षा के दौरान बघेल ने छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा बताते हुए कहा कि धान अत्यधिक जल पर निर्भर फसल है। उन्होंने किसानों को सूर्यमुखी जैसी कम पानी में उगने वाली और अधिक लाभ देने वाली फसलों की ओर प्रोत्साहित करने की सलाह दी।


स्वच्छ भारत मिशन और शहरी विकास योजनाओं की समीक्षा

प्रधानमंत्री आवास योजना और अटल मिशन के तहत निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्ता की जांच के निर्देश दिए गए। नगर निगम भिलाई-चरोदा की कार्यप्रणाली पर सांसद ने नाराजगी जताई और वार्षिक जल संग्रहण प्रणाली अपनाने हेतु लाभार्थियों को प्रेरित करने की बात कही। ग्रामीण स्वच्छता की बात करते हुए उन्होंने कहा कि स्वच्छता दीदियों को पारिश्रमिक नहीं मिलने से कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक ग्रामीण घर से 20 रुपये प्रतिमाह लिया जाए, जिससे दीदियों को भुगतान हो और नियमित कचरा संग्रहण सुनिश्चित किया जा सके।


जनसेवा ही हमारा कर्तव्य है: सांसद बघेल

बैठक के समापन पर सांसद बघेल ने कहा कि “जब तक योजनाओं का लाभ ज़रूरतमंदों तक नहीं पहुंचता, तब तक हमारा प्रयास अधूरा है। सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, यही सच्ची जनसेवा है । बैठक में कलेक्टर अभिजीत सिंह, विधायक ललित चंद्राकर, विधायक डोमनलाल कार्सेवाड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे, जनपद एवं नपं अध्यक्षगण, नगरीय निकाय आयुक्तगण सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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