उतई | दुर्ग जिला के उतई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले डूण्डेरा मोरिद मेन रोड नहर के पास बीते 3 जुलाई को अज्ञात आरोपियों द्वारा जंजगिरी निवासी 20 वर्षीय राजकुमार यादव पर जानलेवा हमला किया गया था। राजकुमार को सिर, छाती और अन्य अंगों पर धारदार हथियार से गंभीर चोटें पहुंचाई गई थीं। गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराए गए युवक की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।घटना की सूचना पर थाना उतई में अपराध क्रमांक 254/2025, धारा 103 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित की और आसपास के क्षेत्र में पूछताछ व तकनीकी विश्लेषण प्रारंभ किया।
मृतक के मरणासन्न बयान ने खोला राज
पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मृतक राजकुमार के मरणासन्न कथन के रूप में मिला, जिसमें उसने स्कार्पियो सवार हमलावरों की बात कही। साथ ही, एक चश्मदीद ने बताया कि घटना के समय जब वह मोरिद से डुण्डेरा की ओर पैदल जा रहा था, तब उसी स्कार्पियो वाहन में सवार आरोपियों ने उसे भी लूटने की कोशिश की थी।
तकनीकी साक्ष्य से टूटी साजिश की परत
टीम ने लगभग 150 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और 1500 मोबाइल नंबरों की जांच कर आरोपियों की पहचान की। पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि घटना को पूर्व नियोजित तरीके से पैसे की जरूरत के चलते अंजाम दिया गया।
पकड़े गए आरोपी और उनकी भूमिका
- लोकेश सारथी उर्फ भांचा (19), रामनगर कुम्हारी
- राजकिशोर वैष्णव उर्फ छोटू (20), रामनगर कुम्हारी
- उमेश टंडन (19), चंद्रमा चौक, खुर्सीपार
- निखिल ठाकुर उर्फ विक्की चौधरी, तीन दर्शन मंदिर, छावनी
- एक अपचारी बालक
पुलिस के अनुसार, घटना की रात आरोपी स्कार्पियो गाड़ी से मोरिद की ओर जा रहे थे। रास्ते में राजकुमार यादव अकेले स्कूटी पर दिखा। आरोपियों ने मोबाइल छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर महाराजा देवार ने पेचकस से सीने में वार किया, आकाश उर्फ हड्डी और लोकेश ने चाकू से पेट व पैर पर हमला किया, और बाकी ने हाथ-मुक्कों से मारपीट कर उसका मोबाइल और नकदी छीन ली। घटना के बाद आरोपी धौराभाठा मोड़ के पास एक हाईवा ड्राइवर को भी चाकू दिखाकर उसका मोबाइल और पर्स लूटकर फरार हो गए।
पहले से बन चुकी थी योजना
पूछताछ में यह भी सामने आया कि घटना को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने सुनसान स्थानों की पहचान कर ली थी। निखिल ठाकुर ने अपनी मां का मोबाइल 3000 रुपये में गिरवी रखकर महाराजा देवार को पैसे दिए, ताकि जरूरत पड़ने पर उसका उपयोग किया जा सके।
जब्ती और आगे की कार्यवाही–
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर स्कार्पियो वाहन (राजकिशोर से) घटना में प्रयुक्त चाकू (लोकेश से) लूटा गया मोबाइल (निखिल से) जब्त किया है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। गैंग हिस्ट्रीशीट तैयार की जा रही है, वहीं फरार आरोपियों की तलाश भी जारी है।
सराहनीय पुलिस कार्यवाही
इस पूरे मामले में उतई थाना, रानीतराई थाना, एवं एसीसीयू टीम की संयुक्त सक्रियता से इस संगीन वारदात का पर्दाफाश हुआ। स्थानीय लोगों ने पुलिस टीम की तत्परता की प्रशंसा की है।