डिजिटल इंडिया का नया अवतार: अब बिना इंटरनेट के भी होगा UPI पेमेंट,डेटा खत्म होने पर भी नहीं रुकेगा लेनदेन, ऑफलाइन सुविधा बनेगी ग्रामीण और ‘डार्क ज़ोन’ के लिए राहत

YC न्यूज़ डेस्क । भारत में डिजिटल क्रांति ने खरीदारी और मोबाइल रिचार्ज के तरीकों को पूरी तरह बदल दिया है। आज अधिकांश लोग भुगतान के लिए ऑनलाइन माध्यमों पर निर्भर हैं, लेकिन नेटवर्क समस्या या डेटा समाप्त होने की स्थिति में लेनदेन अटक जाना आम बात है। इस परेशानी का समाधान करते हुए National Payments Corporation of India (NPCI) ने ऑफलाइन UPI भुगतान को और अधिक सुलभ बना दिया है। साल 2022 में शुरू की गई यह सुविधा अब सुदूर ग्रामीण इलाकों और बिना नेटवर्क वाले क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। डिजिटल इंडिया की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इंटरनेट नहीं तो भी नहीं रुकेगा काम

आमतौर पर ऑनलाइन भुगतान के लिए लोग Google Pay, Paytm और BHIM जैसे ऐप्स का उपयोग करते हैं, जिन्हें सक्रिय इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता होती है।
हालांकि, NPCI की ऑफलाइन सुविधा *99# (USSD) कोड और UPI Lite के माध्यम से कार्य करती है। यह तकनीक उन परिस्थितियों के लिए डिजाइन की गई है, जहां स्मार्टफोन तो है लेकिन इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं है।
खास बात यह है कि फीचर फोन (बटन वाले फोन) उपयोगकर्ता भी इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं। इससे बैंक शाखा या एटीएम पर निर्भरता कम हुई है और छोटे लेनदेन के लिए नकदी रखने की मजबूरी भी घट गई है।

विशेषज्ञों की राय

डिजिटल बैंकिंग विशेषज्ञों के अनुसार, “ऑफलाइन पेमेंट का मुख्य उद्देश्य डिजिटल गैप को कम करना है। 2022 में इसकी शुरुआत के बाद से छोटे ट्रांजैक्शन के लिए UPI Lite को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा गया है। बिना पिन और बिना इंटरनेट के भुगतान की सुविधा ने इसे और लोकप्रिय बना दिया है।”

आम नागरिकों पर प्रभाव

इस सुविधा का सबसे अधिक लाभ उन व्यापारियों और ग्राहकों को मिला है जो बेसमेंट की दुकानों, पहाड़ी क्षेत्रों या नेटवर्क बाधित इलाकों में काम करते हैं। UPI Lite के माध्यम से 500 रुपये तक का भुगतान बिना इंटरनेट के तुरंत किया जा सकता है। इसके लिए उपयोगकर्ता को पहले से अपने वॉलेट में राशि लोड करनी होती है। प्रशासन और बैंकिंग संस्थाएं अब इस तकनीक को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दे रही हैं, ताकि प्राकृतिक आपदा, नेटवर्क ब्लैकआउट या आपातकालीन स्थिति में भी वित्तीय लेनदेन बाधित न हो। डिजिटल इंडिया के इस नए अवतार ने यह साबित कर दिया है कि तकनीक केवल सुविधा ही नहीं, बल्कि आपात स्थितियों में भरोसे का मजबूत आधार भी बन सकती है।

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