YC न्यूज़ डेस्क । भारत 26 जनवरी को 77वां गणतंत्र दिवस पूरे देश में उत्साह और गौरव के साथ मनाएगा। इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड की मुख्य थीम ‘वंदे मातरम्’ रखी गई है। कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली मुख्य परेड में कुल 30 झांकियां शामिल होंगी, जो ‘स्वतंत्रता का मंत्र—वंदे मातरम्, समृद्धि का मंत्र—आत्मनिर्भर भारत’ विषय पर आधारित होंगी। परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर एनक्लोजर के बैकग्राउंड में ‘वंदे मातरम्’ की पंक्तियों से सजी ऐतिहासिक पेंटिंग बनाई जाएगी। वहीं, मुख्य मंच पर वंदे मातरम् के रचयिता बंकिम चंद्र चटर्जी को फूलों से श्रद्धांजलि दी जाएगी। इस वर्ष के गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन होंगे।
नई भैरव बटालियन का पहली बार मार्च पास्ट–
इस वर्ष परेड में कई नए और अनूठे आकर्षण देखने को मिलेंगे। पहली बार सेना की नई भैरव लाइट कमांडो बटालियन गणतंत्र दिवस परेड में मार्च पास्ट करेगी। यह बटालियन अक्टूबर 2025 में इन्फैंट्री और स्पेशल फोर्सेज के बीच की क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से गठित की गई थी। इसके साथ ही पहली बार बैक्ट्रियन ऊंट, जास्कर टट्टू, शिकारी पक्षी और स्वदेशी नस्लों के मिलिट्री डॉग भी परेड का हिस्सा बनेंगे।
फ्लाईपास्ट में राफेल और सुखोई, तेजस नहीं होगा शामिल
गणतंत्र दिवस के फ्लाईपास्ट में इस बार भारतीय वायुसेना के 29 विमान शामिल होंगे, जिनमें राफेल, Su-30, अपाचे और LCH हेलिकॉप्टर प्रमुख रहेंगे। हालांकि इस बार स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस को फ्लाईपास्ट में शामिल नहीं किया गया है। इस पर रक्षा सचिव आर. के. सिंह ने कहा कि परेड में कुछ चुनिंदा और बेहतरीन प्लेटफॉर्म प्रदर्शित किए जा रहे हैं और तेजस को शामिल न करने के पीछे कोई विशेष कारण नहीं है।
परेड में दिखेगी सैन्य शक्ति और तकनीक–
परेड में ब्रह्मोस, आकाश मिसाइल सिस्टम, मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (MRSAM), एडवांस्ड टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS), धनुष तोप, शक्तिबान और ड्रोन का स्टैटिक डिस्प्ले भी किया जाएगा। इसके साथ ही संस्कृति मंत्रालय की ‘वंदे मातरम्: एक राष्ट्र की आत्मा की पुकार’ झांकी और सैन्य मामलों के विभाग की त्रि-सेवा झांकी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ विशेष आकर्षण रहेंगी।
नए फॉर्मेट में आगे बढ़ेंगे जवान–
इस वर्ष पहली बार सेना के जवान कर्तव्य पथ पर ‘फेज्ड बैटल एरे’ फॉर्मेशन में मार्च करेंगे। इस फॉर्मेशन में जवान उसी क्रम और रणनीति के साथ आगे बढ़ेंगे, जैसे वे युद्ध की स्थिति में करते हैं—जिसकी शुरुआत टोही दस्ते से होगी और उसके बाद लॉजिस्टिक्स व अन्य सैन्य इकाइयां शामिल होंगी।
यातायात व्यवस्था में बदलाव–
गणतंत्र दिवस परेड और बीटिंग रिट्रीट समारोह को देखते हुए राष्ट्रपति भवन (सर्किट-1) 21 से 29 जनवरी तक आम जनता के लिए बंद रहेगा। इसके अलावा परेड की रिहर्सल के कारण 17, 19, 20 और 21 जनवरी को सुबह 10.15 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक कर्तव्य पथ और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक प्रतिबंध लागू रहेंगे। प्रशासन ने नागरिकों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है।