रायपुर में सुपरबाइक चैंपियनशिप का रोमांच: 110 बाइकर्स ने उड़ाई 20 फीट तक बाइक, फ्री-स्टाइल स्टंट्स से दर्शक मंत्रमुग्ध—CM साय ने कहा, “रोड सेफ्टी के लिए मील का पत्थर”

रायपुर में सुपरबाइक चैंपियनशिप का रोमांच: 110 बाइकर्स ने उड़ाई 20 फीट तक बाइक, फ्री-स्टाइल स्टंट्स से दर्शक मंत्रमुग्ध—CM साय ने कहा, “रोड सेफ्टी के लिए मील का पत्थर”

रायपुर। बूढ़ापारा आउटडोर स्टेडियम में सुपरबाइक चैंपियनशिप का फाइनल राउंड जबरदस्त रोमांच के साथ संपन्न हुआ। देश-विदेश से आए 110 प्रोफेशनल बाइकर्स ने स्पीड, बैलेंस और साहस का ऐसा प्रदर्शन किया कि दर्शक सीटों से खड़े होकर तालियां बजाने लगे। फ्री-स्टाइल स्टंट्स ने उत्साह को दोगुना कर दिया।
मिनी मोटर ट्रैक में बदले गए स्टेडियम में मिट्टी के ऊंचे-ऊंचे टीले तैयार किए गए थे, जिन पर राइडर्स 20 फीट ऊंचाई तक बाइक उड़ाते नजर आए। चैंपियनशिप में 14 कैटेगरीज में रेस आयोजित हुई, जिसमें कई राज्यों के 6 से 15 वर्ष के बच्चे भी खास आकर्षण रहे। इन नन्हे राइडर्स के लिए विशेष रेसिंग लाइसेंस जारी किए गए थे। हालांकि, रेस के दौरान तीन राइडर्स के गिरने की घटनाएं भी सामने आईं।

दर्शक भी स्टंट्स के दौरान मोबाइल की फ्लैश लाइट ऑन कर बाइकर्स का उत्साह बढ़ाते दिखे। विदेशी राइडर्स ने हवा में बाइक घुमाकर और बैक-फ्लिप जैसे स्टंट्स कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। कार्यक्रम के समापन पर स्टेडियम आतिशबाजी से जगमगा उठा।
कुछ राइडर्स बिना हेलमेट और सुरक्षा गियर के नजर आए, जिससे सुरक्षा मानकों पर सवाल भी खड़े हुए, जबकि आयोजन “सेफ रेसिंग, सेफ राइडिंग” थीम पर आधारित था।
CM विष्णुदेव साय बोले—रोड सेफ्टी के लिए मील का पत्थर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में कहा कि सुपरबाइक चैंपियनशिप जैसे आयोजन सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा,“यह आयोजन सड़क सुरक्षा की थीम पर किया गया है। यह यातायात नियमों के प्रचार-प्रसार में मील का पत्थर साबित होगा। मैं लोगों से अपील करता हूं कि हेलमेट पहनें और ट्रैफिक रूल्स का पालन करें।”
सीएम ने यह भी कहा कि बाइक रेसिंग भारतीय युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है और ऐसे नियंत्रित व सुरक्षित आयोजन युवाओं को सड़क पर जोखिम भरे स्टंट्स करने से रोकेंगे।प्रधानमंत्री द्वारा राज्य महोत्सव में शामिल होने और एयर शो के सफल आयोजन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “हम टीवी पर बाइक रेसिंग देखते थे, लेकिन आज इसे प्रत्यक्ष रूप में देखना गर्व की बात है। देश-विदेश के राइडर्स का छत्तीसगढ़ में आना गौरव की बात है।”
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को सुरक्षित रेसिंग के प्रति प्रेरित करना और सड़क सुरक्षा को लेकर सकारात्मक संदेश देना रहा।

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