रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शनिवार को ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ विषय पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समरसता और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया गया। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई पहल की भावना को धरातल पर उतारने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है।
कार्यशाला के समापन सत्र में भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने कहा कि ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ देश में एकता और अखंडता को मजबूत करने की दिशा में पहला ठोस प्रयोग है। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को साकार करने का माध्यम है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्र की सर्वांगीण प्रगति में पूरे समर्पण के साथ जुटें।
पवन साय का मार्गदर्शन: गौरवशाली भारत की पुनर्स्थापना का आह्वान
कार्यशाला को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने कहा कि इस अभियान के लिए संगठित और टीम वर्क की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, जिस प्रकार यज्ञ का लाभ सभी को मिलता है, उसी तरह हमें सभी राज्यों की संस्कृति, गौरव और इतिहास को जोड़कर एक आत्मनिर्भर और सशक्त भारत का निर्माण करना है। साय ने कहा कि विविधताओं से भरे इस देश की सुंदरता उसकी एकता में ही निहित है, और यह कार्यशाला उसी भाव को सशक्त करती है।
विविधता में एकता को करता है मजबूत
भाजपा प्रदेश महामंत्री और ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के प्रदेश संयोजक संजय श्रीवास्तव ने कार्यशाला की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कल्पना से प्रेरित है, जिसमें देश की विविधताओं को जोड़ते हुए एक नई राष्ट्रीय पहचान गढ़ने की बात है। श्रीवास्तव ने कहा।इस कार्यक्रम के माध्यम से हम भारत की भाषाई, सांस्कृतिक और भौगोलिक विविधताओं को सेतु बनाकर एकता के सूत्र में पिरो सकते हैं ।