दुर्ग। साइबर अपराधों की रोकथाम और आम जनता को डिजिटल माध्यमों से जागरूक करने की दिशा में दुर्ग पुलिस ने एक अनोखी और अभिनव पहल की शुरुआत की है। शनिवार को महात्मा गांधी कला मंदिर, सिविक सेंटर में आयोजित कार्यक्रम “CALL OF THE CREATORS” में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए 250 डिजिटल क्रिएटर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को “साइबर वॉरियर्स” के रूप में नामांकित किया गया।
इन साइबर वॉरियर्स का मुख्य उद्देश्य होगा—सोशल मीडिया जैसे प्रभावशाली प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी जन-जन तक पहुंचाना, जिससे लोग इंटरनेट की दुनिया में ज्यादा सतर्क और सुरक्षित रहें।
आईजी दुर्ग रेंज रामगोपाल गर्ग ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “साइबर अपराधों से निपटने का सबसे प्रभावी हथियार है—जन जागरूकता। अगर लोग सतर्क होंगे, तो अपराधी ज्यादा दिन तक सफल नहीं हो पाएंगे। डिजिटल क्रिएटर्स इस मुहिम के सबसे मजबूत स्तंभ बन सकते हैं।”
एसपी विजय अग्रवाल ने इसे तकनीक और समाज के बीच की दूरी को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा, “आज जब जीवन का हर पहलू डिजिटल हो गया है, तो साइबर सुरक्षा की जानकारी भी उतनी ही जरूरी हो गई है। क्रिएटर्स के माध्यम से हम यह संदेश लोगों के दिलों तक पहुंचाना चाहते हैं।”
कार्यक्रम में एएसपी सुखनंदन राठौर, डीएसपी चंद्र प्रकाश तिवारी, रक्षित निरीक्षक नीलकंठ वर्मा और उप निरीक्षक डॉ. संकल्प राय सहित पुलिस विभाग के कई अधिकारी मौजूद थे। आयोजन में मेघगंगा ग्रुप और डिजाइनों टीम ने विशेष सहयोग प्रदान किया।
दुर्ग पुलिस की यह पहल साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक मॉडल इनिशिएटिव के रूप में सामने आई है, जो आने वाले समय में पूरे प्रदेश के लिए रोल मॉडल बन सकती है। डिजिटल क्रिएटर्स की ताकत को पुलिस प्रशासन ने जिस सृजनात्मक तरीके से जिम्मेदारी से जोड़ा है, वह वास्तव में साइबर क्राइम के खिलाफ एक सशक्त जन आंदोलन की शुरुआत है।