रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी पहल ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालयों ने इस वर्ष शिक्षा के क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। सीमित संसाधनों के बावजूद इन स्कूलों ने बड़े-बड़े निजी संस्थानों को पछाड़ते हुए 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में 100% परिणाम हासिल किया है। सबसे खास बात यह रही कि ‘प्रयास’ विद्यालयों के 13 छात्रों ने सीजी बोर्ड की टॉप-10 सूची में जगह बनाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। यह उपलब्धि न केवल शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर हर प्रतिभा निखर सकती है।
राज्य में संचालित 17 प्रयास आवासीय विद्यालयों में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों सहित विभिन्न वर्गों के बच्चे अध्ययनरत हैं। यहां विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा के साथ-साथ IIT, JEE, NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की उच्चस्तरीय तैयारी भी कराई जाती है। इस शानदार सफलता पर Vishnu Deo Sai ने छात्रों, शिक्षकों और विभागीय अधिकारियों को बधाई देते हुए इसे “प्रयास मॉडल की सफलता” बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य के लिए गर्व का विषय है और अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा बनेगी। हायर सेकेंडरी (12वीं) में 128 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी में सफलता हासिल की, वहीं रायपुर के गुड़ियारी स्थित विद्यालय की 19 छात्राओं ने 90% से अधिक अंक प्राप्त किए। कोरबा की रागिनी कंवर ने 95% अंक हासिल कर शीर्ष स्थान पाया, जबकि जीव विज्ञान में दो छात्राओं ने 100 में 100 अंक अर्जित किए।
10वीं में भी प्रदर्शन शानदार रहा, जहां कई छात्राओं ने 90% से अधिक अंक हासिल किए और गणित में 6 विद्यार्थियों ने शत-प्रतिशत अंक प्राप्त किए। दीपांशी ने 98.83% के साथ प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया। ‘प्रयास’ विद्यालयों की यह सफलता न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभरी है, जो दिखाती है कि शिक्षा में समर्पण और सही दिशा से असंभव भी संभव हो सकता है।