YC न्यूज़ डेस्क । संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का शुक्रवार को पांचवां दिन है। बढ़ती LPG कीमतों को लेकर आज भी सदन में हंगामे के आसार हैं। विपक्षी दल इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं, जबकि सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है। गुरुवार को संसद में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल, केरोसीन और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कोई कमी नहीं है। उन्होंने विपक्ष से इस मुद्दे पर अफवाहें और भ्रामक नैरेटिव न फैलाने की अपील की। पुरी ने Rahul Gandhi की ओर से उठाई गई चिंताओं का जवाब देते हुए कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता 33 करोड़ से अधिक परिवारों, विशेषकर गरीब और वंचित वर्ग तक रसोई गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि घरेलू गैस की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है और डिलीवरी व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन
इससे पहले विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में LPG सिलेंडर के कटआउट लेकर बढ़ती कीमतों के खिलाफ प्रदर्शन किया। विपक्ष का आरोप है कि रसोई गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
पिछले चार दिनों में भी रही तीखी बहस
बजट सत्र के दूसरे चरण के शुरुआती दिनों में भी सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली। गुरुवार को लोकसभा में राहुल गांधी ने ऊर्जा सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। इस दौरान सदन में शोर-शराबा भी हुआ और विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की। बुधवार को भी LPG सिलेंडर की कीमतों को लेकर विपक्ष ने लोकसभा में हंगामा किया था, जिसके कारण कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
पहले चरण में भी रही राजनीतिक तल्खी
संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हुआ था। पहला चरण 13 फरवरी तक चला, जिसमें कई मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। राज्यसभा में विपक्ष के नेता Mallikarjun Kharge ने अपने भाषण के कुछ हिस्सों को रिकॉर्ड से हटाए जाने पर आपत्ति जताई थी।