
रायपुर, 26 सितंबर 2026। प्रदेश में 24 से 26 सितंबर तक हुई लगातार बारिश और कई नदी-नालों में आई बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों, पुल-पुलियों और मार्गों को जल्द से जल्द दुरुस्त करने लोक निर्माण विभाग ने मैदानी अमले को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने अधिकारियों से कहा है कि क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत में किसी भी तरह की देरी न हो और लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो। उन्होंने निर्देशित किया है कि जहां क्षति का तत्काल सुधार संभव है, वहां संबंधित एजेंसी अथवा ठेकेदार के माध्यम से शीघ्र मरम्मत कराकर यातायात बहाल किया जाए। वहीं अधिक क्षतिग्रस्त हिस्सों के पुनर्निर्माण और विशेष मरम्मत के प्रस्ताव तेजी से तैयार किए जाएंगे। इसके लिए आवश्यकतानुसार पर्याप्त राशि उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
प्रदेश में लगातार बारिश के चलते लगभग सभी नदी-नालों में बाढ़ की स्थिति बनी और कई स्थानों पर पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहा। पानी उतरने के बाद सड़कों और पुल-पुलियों को हुए नुकसान का आकलन करने लोक निर्माण विभाग ने मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं, कार्यपालन अभियंताओं, अनुविभागीय अधिकारियों और उप अभियंताओं को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने मैदानी अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों और पुल-पुलियों की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कराने के साथ नुकसान का तत्काल आकलन करने को कहा है। संभावित मरम्मत राशि की जानकारी अकाउंटेंट जनरल को भेजने तथा संबंधित कार्यालयों को इसकी प्रतिलिपि उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत मौजूदा अनुबंध के दायरे में संबंधित एजेंसी अथवा ठेकेदार से कराई जा सकती है, वहां बिना समय गंवाए काम शुरू किया जाए, ताकि यातायात शीघ्र बहाल हो सके। वहीं पुनर्निर्माण या विशेष मरम्मत की आवश्यकता वाले हिस्सों के प्राक्कलन 10 दिनों के भीतर सक्षम अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क और पुलों के सुधार के लिए सक्षम अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर एस/आर (एफडीआर) की स्वीकृति प्राथमिकता से जारी करने को कहा गया है। राशि के आबंटन की उपलब्धता के लिए प्रमुख अभियंता कार्यालय को परिक्षेत्रवार एकमुश्त जानकारी भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं। आवश्यकता होने पर एस/आर मद में जोनल एजेंसी निर्धारित करने संबंधी जानकारी भी तत्काल प्रमुख अभियंता कार्यालय को भेजनी होगी।
विभाग ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया है कि एफडीआर से हुई क्षति का सुधार केवल अस्थायी रूप से न किया जाए, बल्कि आवश्यकतानुसार स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए टो-वॉल और कांक्रीट रोड निर्माण के प्रस्ताव भी भेजने को कहा गया है। पुलों के वियरिंग कांक्रीट, रेलिंग तथा अन्य क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत भी प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए गए हैं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश के बाद लोक निर्माण विभाग का फोकस बारिश और बाढ़ से प्रभावित सड़कों तथा पुल-पुलियों को शीघ्र सुरक्षित और आवागमन योग्य बनाने पर है। विभागीय अमले को सक्रियता के साथ क्षति का आकलन, मरम्मत, विशेष सुधार और आवश्यक पुनर्निर्माण की प्रक्रिया तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।