ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल खत्म: 7 नवंबर को शासन से होगी चर्चा, मांगें नहीं मानी गईं तो फिर शुरू होगा आंदोलन

ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल खत्म: 7 नवंबर को शासन से होगी चर्चा, मांगें नहीं मानी गईं तो फिर शुरू होगा आंदोलन

रायपुर । छत्तीसगढ़ में ट्रक ड्राइवरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल रविवार को समाप्त हो गई। छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन ने अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर यह हड़ताल बुलाई थी। संगठन के पदाधिकारियों ने रविवार को कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी मांगें प्रस्तुत कीं, जिसके बाद प्रशासन ने 7 नवंबर को परिवहन सचिव से बैठक कराने का आश्वासन दिया। इस भरोसे के बाद हड़ताल को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
महासंगठन के अध्यक्ष प्रीतम सेन और कोषाध्यक्ष हेमनाथ देवांगन ने बताया कि हड़ताल अस्थायी रूप से टाली गई है। उन्होंने कहा कि सरकार से चर्चा के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी, और यदि मांगे पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा।

◆ये हैं ड्राइवर महासंगठन की 9 प्रमुख मांगें
राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू की जाए।
ड्राइवर वेलफेयर बोर्ड का गठन कर उनके सामाजिक व आर्थिक हितों की रक्षा की जाए।
ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए आयोग का गठन किया जाए।
1 सितंबर को “ड्राइवर दिवस” के रूप में घोषित किया जाए। ड्राइवरों के परिवारों के लिए हेल्थ कार्ड योजना शुरू की जाए। ड्राइवरों के बच्चों को शिक्षा और सरकारी नौकरी में 10% आरक्षण दिया जाए। 55 वर्ष की आयु के बाद ड्राइवरों को पेंशन की सुविधा दी जाए।
सड़क हादसों में ड्राइवर की मृत्यु पर परिवार को ₹20 लाख मुआवजा मिले। हादसे में विकलांग होने पर परिवार को ₹10 लाख की सहायता दी जाए।
कलेक्टर ने दिया भरोसा
कलेक्टर से चर्चा के दौरान अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सभी मांगों को राज्य सरकार के समक्ष रखा जाएगा। 7 नवंबर को महासंगठन के प्रतिनिधि परिवहन सचिव से प्रत्यक्ष रूप से चर्चा करेंगे।
महासंगठन ने कहा — ड्राइवरों की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं
महासंगठन के अध्यक्ष प्रीतम सेन ने कहा, “ड्राइवर राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। लेकिन आज भी उन्हें सामाजिक सुरक्षा और सम्मान नहीं मिल रहा। अब हम केवल वादे नहीं, ठोस नीतियां चाहते हैं।”राज्य में करीब दो लाख से अधिक ट्रक और मालवाहक वाहन संचालित हैं। हड़ताल के कारण कई स्थानों पर परिवहन और आपूर्ति कार्य प्रभावित हुए थे। अब हड़ताल खत्म होने से सामान्य परिवहन सेवाएं बहाल होने लगी हैं।

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