रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की ईडी द्वारा गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस ने 22 जुलाई को छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में आर्थिक नाकेबंदी और चक्काजाम का ऐलान किया है। हालांकि कांग्रेस के इस आह्वान को कई ट्रांसपोर्ट संगठनों और व्यापारिक संस्थाओं का समर्थन नहीं मिला है।
इन संगठनों ने किया चक्काजाम से किनारा
सरगुजा संभागीय ट्रक एसोसिएशन, छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, छत्तीसगढ़ बल्ककर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और भिलाई ट्रक-ट्रेलर एसोसिएशन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वे इस राजनीतिक चक्काजाम में शामिल नहीं होंगे। इन संगठनों ने एक पत्र जारी कर कहा है कि वे निर्बाध परिवहन सेवा जारी रखेंगे और किसी प्रकार की रुकावट नहीं चाहते।
व्यापारी संगठन भी नहीं आए साथ
व्यापारिक वर्ग से भी कांग्रेस को झटका मिला है। छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के महामंत्री अजय भसीन ने बयान जारी कर कहा कि चैंबर किसी भी प्रकार की आर्थिक नाकेबंदी या बंद का समर्थन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि व्यापार पहले से ही मंदी और आर्थिक अस्थिरता से जूझ रहा है, ऐसे में इस प्रकार का आंदोलन व्यापारियों पर अतिरिक्त दबाव डालेगा।