
बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश के बाद वाटर कैनन का इस्तेमाल, दोनों दलों ने एक-दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप
रायपुर। राजधानी रायपुर में बुधवार को भाजपा द्वारा आयोजित कांग्रेस भवन घेराव कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया। कांग्रेस मुख्यालय की ओर बढ़ रहे भाजपा कार्यकर्ताओं और पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने से शंकर नगर और राजीव भवन क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हालात बिगड़ने पर पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले वाटर कैनन चलाना पड़ा, इसके बाद आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।
भाजपा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विरोध में कांग्रेस कार्यालय घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया था। प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस भवन की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए, जिससे दोनों पक्षों के बीच जमकर नारेबाजी हुई और माहौल गरमा गया।
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने कांग्रेस कार्यालय के आसपास पहले से बैरिकेडिंग कर रखी थी।
प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड हटाने और आगे बढ़ने का प्रयास किए जाने पर पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद भीड़ नहीं रुकी तो पुलिस ने दो बार आंसू गैस के गोले छोड़कर स्थिति पर नियंत्रण पाया। पूरे घटनाक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर तैनात रहे।घटनाक्रम के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने राहुल गांधी पर देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राहुल गांधी देश में “अर्बन नक्सलवाद” को बढ़ावा दे रहे हैं।
दूसरी ओर कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पलटवार किया। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पत्थरबाजी की गई और आंसू गैस का असर भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को झेलना पड़ा। उन्होंने कहा कि भाजपा अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रही है।