पाटन। किसानों की सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार जहां नई सेवा सहकारी समितियों के विस्तार का दावा कर रही है, वहीं जमीनी स्तर पर सहकारिता विभाग की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है। जानकारी के मुताबिक, आज 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राज्य स्तरीय कार्यक्रम के तहत पाटन ब्लॉक सहित प्रदेशभर में नई सेवा सहकारी समितियों का वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। जानकारी के मुताबिक पाटन ब्लॉक में 10 नई समितियों के गठन की प्रक्रिया अक्टूबर 2025 से चल रही थी, जो अब पूर्ण होकर अस्तित्व में आ रही हैं। इसके साथ ही अब ब्लॉक में समितियों की संख्या 35 से बढ़कर 45 हो जाएगी।
नई समितियों में बोरवाय, अरमरीखुर्द, जरवाय, सिकोला, उरला, असोगा, ढोर, धौराभाठा, महकाखुर्द और अरसनारा शामिल हैं। सहकारिता विस्तार अधिकारी भूपेंद्र चंद्रवंशी के अनुसार, इन समितियों के शुरू होने से पुरानी समितियों पर कार्यभार कम होगा और किसानों को सुविधाएं बेहतर तरीके से स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी।
• उद्घाटन पर जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा पर उठे सवाल-
इस पूरे आयोजन को लेकर सहकारिता विभाग की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं। भाजपा संगठन से जुड़े कई पदाधिकारियों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया है कि इतने बड़े आयोजन के बावजूद न तो इसका समुचित प्रचार-प्रसार किया गया और न ही समाज के प्रबुद्ध वर्ग एवं किसानों को इसकी जानकारी दी गई।
आरोप यहां तक लगाए जा रहे हैं कि कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की भी अनदेखी की गई है, जिससे राजनीतिक स्तर पर असंतोष खुलकर सामने आ रहा है।
समन्वय की कमी,सहकारिता विभाग घिरा-
सूत्रों के मुताबिक, विभागीय स्तर पर समन्वय की कमी के चलते यह स्थिति बनी है, जो सरकार की योजनाओं की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े कर रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि सहकारिता विभाग इन आरोपों पर क्या सफाई देता है और क्या भविष्य में ऐसे आयोजनों में जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं