रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और बांधों से छोड़े जा रहे पानी के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। रायपुर से लेकर बस्तर तक नदी-नाले उफान पर हैं। राजधानी रायपुर में खारुन नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया। रायपुर-दुर्ग को जोड़ने वाला पुराना पुल पानी में डूब गया और करीब एक फीट पानी उसके ऊपर से बहने लगा। बताया जा रहा है कि 2007 के बाद पहली बार पुल इस तरह डूबा है। प्रदेश में उफनते नदी-नालों और बारिश से जुड़े हादसों में 12 लोगों के बहने या फंसने की घटनाएं सामने आई हैं। इनमें 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3 लोग अब भी लापता हैं। राहत और बचाव दल कई स्थानों पर रेस्क्यू अभियान चला रहे हैं।
रायपुर में खारुन ने बढ़ाई चिंता
खारुन नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद रायपुर-दुर्ग पुराने पुल पर आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है। पुल के दोनों तरफ बैरिकेडिंग कर पुलिस बल तैनात किया गया है। चंदनीडीह, महादेवघाट, भाठागांव, काठाडीह और दतरेंगा की निचली बस्तियों में रात करीब 2 बजे पानी घुस गया। कई परिवारों को छतों पर शरण लेनी पड़ी। शनिवार सुबह एनडीआरएफ और नगर निगम की टीमों ने नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। बारिश और जलभराव के चलते महादेवघाट के विसर्जन कुंड में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन पर भी रोक लगा दी गई।
गंडई में डूबी कार, टीआई ने खुद तैरकर 5 युवाओं को बचाया
शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे रायपुर और भिलाई से स्विफ्ट कार में कान्हा-किसली जा रहे पांच युवक-युवतियां गंडई-धमधा मार्ग पर दनिया के डूबे पुल को पार कर रहे थे। तेज बहाव में कार नदी में बह गई। कार से बाहर निकलने के बाद पांचों करीब 70 मीटर दूर नदी के बीच झाड़ियों में फंस गए। सूचना मिलने पर टीआई शिवशंकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने रस्सी के सहारे तेज बहाव में तैरकर युवाओं तक पहुंच बनाई और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। बचाए गए लोगों की पहचान कमलेश साहू, कुबेर साहू, निहाल सक्सेना, महक कौर और प्रीति रात्रे के रूप में हुई है। हादसे में कार बह गई।
रायपुर में पिता का हाथ छूटा, 7 साल के बच्चे की मौत
रायपुर के श्रद्धा विहार निवासी जीएसटी कंसल्टेंट लक्ष्मीनारायण पवार शनिवार सुबह अपने जुड़वां बच्चों त्रिवेंद्र और तुशिता के साथ बोरिया तालाब में हवन-पूजन सामग्री विसर्जित करने गए थे। वापसी के दौरान सड़क किनारे बह रहे पानी में पैर धोते समय 7 वर्षीय त्रिवेंद्र का पैर फिसल गया। पिता ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव में बच्चा बह गया। करीब 500 मीटर दूर एक युवक ने उसे पानी से बाहर निकाला। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बिलासपुर में अरपा नदी में दो बच्चे बहे
बिलासपुर के सिटी कोतवाली क्षेत्र में 12 वर्षीय अयान अंसारी और 16 वर्षीय इमरेश शनिवार दोपहर अरपा नदी में नहाने गए थे। गहरे पानी में संतुलन बिगड़ने के बाद दोनों बह गए। एसडीआरएफ और मछुआरों की टीम ने करीब छह घंटे की तलाश के बाद अयान का शव बरामद कर लिया। इमरेश की तलाश जारी है।
धमतरी में बच्ची और बुजुर्ग लापता
धमतरी जिले के मेघा गांव की 8 वर्षीय तराना निषाद बाढ़ के पानी में बह गई। वहीं सिहावा क्षेत्र में एक बुजुर्ग के भी पानी में बहने की सूचना है। दोनों की तलाश में एनडीआरएफ की टीमें जुटी हुई हैं। भखारा-जोरातराई मार्ग पर पुलिया के ऊपर तेज बहाव में एक कार भी बहने लगी। कार में सवार दो युवकों ने खिड़की का कांच तोड़कर बाहर छलांग लगाई और अपनी जान बचाई। महानदी के उफान के कारण करीब 40 लोगों को प्रशासन ने सुरक्षित रेस्क्यू किया, जबकि 300 से अधिक ग्रामीणों को पंचायत भवनों में शिफ्ट किया गया है।
बलौदाबाजार में पुल पर डेढ़ फीट पानी, बस बहने लगी
बलौदाबाजार में कोल्हान नाले पर बने पुल के ऊपर करीब डेढ़ फीट पानी बह रहा था। इसी दौरान पुल पार कर रही बस तेज बहाव की चपेट में आकर बहने लगी। राहत की बात रही कि सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
कांकेर में मकान गिरने से ग्रामीण की मौत
कांकेर के भानुप्रतापपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत इरागांव के आश्रित गांव मरदेल में देर रात करीब 2:30 बजे मकान की कच्ची दीवार/लाड़ी भरभराकर गिर गई। मलबे में दबने से ग्रामीण बुधराम उइके की मौत हो गई।
बस्तर में चित्रकोट जलप्रपात का रौद्र रूप
बस्तर में इंद्रावती नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर बढ़ने से चित्रकोट जलप्रपात ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। वहीं एनएच-30 पर डिमरापाल के पास पानी आने से यातायात प्रभावित हुआ।
कई जिलों में सड़क और पुल-पुलिया प्रभावित
- गरियाबंद: फिंगेश्वर क्षेत्र में सरगी नाले की पुलिया डूबने के कारण फिंगेश्वर-महासमुंद मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई।
- दुर्ग-बेमेतरा: समोदा नाले की पुलिया डूबने से दुर्ग-बेमेतरा मार्ग प्रभावित रहा। मोंगरा बैराज से 8 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने की जानकारी है।
- महासमुंद: महानदी का जलस्तर बढ़ने के बाद तटीय 18 गांवों में अलर्ट जारी किया गया। बम्हनी गांव में जलभराव में फंसे दो सुरक्षाकर्मियों को नगर सेना ने सुरक्षित निकाला।
आज से बारिश की तीव्रता में कमी के संकेत
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र अब उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर चला गया है। अगले 12 घंटे में इसके और कमजोर होने की संभावना है। इसके प्रभाव से 27 सितंबर से छत्तीसगढ़ में बारिश की तीव्रता और इसके फैलाव में कमी आने के संकेत हैं। हालांकि जिन क्षेत्रों में नदी-नाले अभी उफान पर हैं, वहां जलस्तर सामान्य होने में समय लग सकता है।
मानसून खत्म होने से पहले ही सामान्य से 5% ज्यादा बारिश
छत्तीसगढ़ में इस साल मानसून ने सामान्य बारिश का आंकड़ा पार कर लिया है। 1 जून से 30 सितंबर तक प्रदेश में सामान्य औसत बारिश 1132.3 मिमी मानी जाती है। वहीं 26 सितंबर तक 1190.7 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है, जो सामान्य से करीब 5.16% अधिक है। मानसून सीजन खत्म होने में अभी चार दिन बाकी हैं और इस सप्ताह हुई भारी बारिश ने प्रदेश के कुल वर्षा आंकड़े को सामान्य से ऊपर पहुंचा दिया है।