रायपुर। रविवार की छुट्टी होने के बावजूद आज सरकारी बैंक खुले रहे। बैंक से जुड़े लंबित काम निपटाने के लिए बड़ी संख्या में लोग शाखाओं में पहुंचे। कई जगह ग्राहकों ने कैश जमा कराया और चेक समेत दूसरे बैंकिंग काम पूरे किए। वहीं, बैंक कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल के चलते कल से अगले तीन दिनों तक सरकारी बैंकों में कामकाज प्रभावित रहने की संभावना है। बैंक कर्मचारियों की यूनियनें सप्ताह में पांच दिन काम यानी 5-Day Banking लागू करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं। ऐसे में जिन ग्राहकों का बैंक से जुड़ा जरूरी काम है, उनके लिए रविवार को मिली यह अतिरिक्त बैंकिंग सुविधा महत्वपूर्ण रही।
10 साल बाद रविवार को खुले बैंक
रविवार को आम ग्राहकों के लिए बैंक खुलने का ऐसा मौका करीब 10 साल बाद आया है। इससे पहले नवंबर 2016 में नोटबंदी के दौरान रविवार को भी बैंक शाखाएं खोली गई थीं। उस समय पुराने ₹500 और ₹1,000 के नोट बदलने, बैंक खातों में जमा करने और नकदी निकालने के लिए बैंकों में लंबी कतारें लगी थीं। ग्राहकों की भारी भीड़ को देखते हुए सरकार ने रविवार को भी बैंकिंग सेवाएं जारी रखने का फैसला किया था। इस बार रविवार को बैंक खुले देखकर कई ग्राहक भी हैरान नजर आए। कुछ ग्राहकों ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार रविवार को बैंक शाखा में सामान्य दिनों की तरह कामकाज होते देखा है।
हड़ताल के दौरान ATM से कैश निकासी जारी रहेगी
बैंक शाखाओं में हड़ताल के बावजूद ATM सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है। SBI और PNB समेत सरकारी बैंकों के ग्राहक ATM के जरिए नकदी निकाल सकेंगे। मौजूदा नियमों के तहत ग्राहकों को अपने बैंक के ATM से हर महीने निर्धारित संख्या में मुफ्त नकद निकासी की सुविधा मिलती है। दूसरे बैंक के ATM के लिए भी शहर के प्रकार के आधार पर मुफ्त लेनदेन की सीमा तय है। निर्धारित मुफ्त सीमा से अधिक ATM लेनदेन करने पर शुल्क लागू होता है। ऐसे में हड़ताल के दौरान ग्राहकों को नकदी की जरूरत होने पर ATM और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं पर अधिक निर्भर रहना पड़ सकता है।
7 प्रमुख बैंक यूनियनें हड़ताल में शामिल
बैंक कर्मचारियों की हड़ताल में AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF और INBOC समेत सात प्रमुख बैंक यूनियनों के शामिल होने की बात कही गई है। यूनियनों का कहना है कि उनकी प्रमुख मांगों में सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना शामिल है। यूनियनों के मुताबिक जब तक सरकार 5-Day Banking लागू करने की निश्चित तारीख घोषित नहीं करती, तब तक इस मुद्दे पर उनका आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार और बैंक यूनियनों के बीच मतभेद
5-Day Banking को लेकर सरकार और बैंक कर्मचारी संगठनों के बीच मतभेद बना हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स में सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि सरकार ने बैंकों में पांच दिन कामकाज की व्यवस्था लागू करने का कोई औपचारिक वादा नहीं किया है। दूसरी ओर, कर्मचारी संगठनों का कहना है कि लंबे समय से इस मांग को उठाया जा रहा है और इसे लागू करने के लिए ठोस निर्णय की जरूरत है।
PLI को लेकर भी विवाद
5-Day Banking के अलावा बैंक अधिकारियों के लिए Performance Linked Incentive (PLI) को लेकर भी कर्मचारी संगठनों और सरकार के बीच मतभेद की खबरें हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक बड़े अधिकारियों के लिए प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन से जुड़े नए प्रावधानों को लेकर यूनियनों ने सवाल उठाए हैं। कर्मचारी संगठन इस मुद्दे को भी अपनी मांगों के साथ उठा रहे हैं।
ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह
हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं में कैश जमा करने, चेक संबंधी काम, पासबुक अपडेट और अन्य काउंटर सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए ग्राहकों को जरूरी बैंकिंग काम पहले ही निपटा लेने की सलाह दी जा रही है। हालांकि ATM, UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं शाखा बंद रहने के बावजूद उपलब्ध रह सकती हैं। किसी विशेष बैंक की सेवा उपलब्धता के लिए संबंधित बैंक की सूचना देखना उचित रहेगा।