पाश्चात्य संस्कृति को त्याग, कौही में गणेशोत्सव में गूंजा श्रीरामधुनी… भाजयुमो नेता नारद बोले – “यही है हमारी असली पहचान”

रानीतराई। गणेशोत्सव पर भाटापारा कौही की अपना गणेश उत्सव समिति ने एक नई सांस्कृतिक मिसाल कायम की। जहां पूर्व में डीजे डांस जैसी पाश्चात्य संस्कृति का आयोजन होता रहा, वहीं इस बार समिति अध्यक्ष रुस्तम साहू, उपाध्यक्ष मनोज निर्मलकर और लेखराम निषाद की पहल पर पूरे गाँव में भक्ति और परंपरा को जीवंत करते हुए श्रीराममय रामधुनी सम्मेलन का आयोजन किया गया। समिति ने कहा कि भगवान श्रीराम छत्तीसगढ़ के भांजा हैं, इसलिए गणेशोत्सव को भक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिक माहौल में मनाने का संदेश दिया गया। गाँव की गलियों में भक्ति रस का संचार करते हुए यह रामधुनी सम्मेलन न केवल सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बना, बल्कि युवाओं को भी अपनी समृद्ध परंपरा से जुड़ने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजयुमो अध्यक्ष नारद साहू (जिला पंचायत सभापति प्रतिनिधि) शामिल हुए और कहा—हमारी संस्कृति और परंपरा ही हमारी असली पहचान है। आज कौही गांव ने जो पहल की है, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है। डीजे और पाश्चात्य मनोरंजन के बजाय श्रीरामधुनी का आयोजन कर गांव ने यह साबित कर दिया है कि हमारी आने वाली पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़े रहकर ही आगे बढ़ेगी।”

इस अवसर पर लीना साहू (सरपंच ग्राम पंचायत कौही), योगेश्वर साहू (मंदिर अध्यक्ष एवं अध्यक्ष सेवा सहकारी समिति डीडाभाठा), सुरेश साहू (सरपंच प्रतिनिधि), कामता प्रसाद साहू (सांसद प्रतिनिधि), डॉ. संतोष साहू एवं सोहन साहू (बूथ अध्यक्ष) सहित हेमलाल सोनकर (उपसरपंच), माधो सोनकर, भुखन सोनकर, कमल साहू, पन्ना निर्मलकर, महादेव निषाद, नारायण साहू (माँ काली साउंड), खूबलाल मेश्राम, हर्ष साहू, कमलेश यादव, प्रीतम निषाद, पीतेश साहू, बुद्धदेव साहू, सुखदेव निषाद एवं श्रीमती लता निषाद सहित सैकड़ों ग्रामवासी श्रद्धा के साथ सम्मिलित हुए। संचालन मूलचंद साहू एवं वेदप्रकाश साहू ने किया, वहीं थानु राम देवांगन ने उद्घोषक के रूप में रामायण पाठ से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

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