
रायपुर, 13 अगस्त 2026। स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संबोधन को लेकर प्रदेश के युवाओं की नजरें टिकी हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री अपने संबोधन में रोजगार, भर्ती प्रक्रिया, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े सरकार के प्रयासों को प्रमुखता से सामने रख सकते हैं। इसके साथ ही युवाओं के लिए कुछ नए ऐलान होने की संभावनाओं को लेकर भी चर्चा तेज है।
₹500 करोड़ के AI मिशन पर रहेगा फोकस
राज्य सरकार ने युवाओं को भविष्य की तकनीक से जोड़ने के लिए पांच वर्ष की अवधि वाले ₹500 करोड़ के छत्तीसगढ़ राज्य AI मिशन को मंजूरी दी है। इसके तहत प्रदेश में 100 AI डेटा लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की योजना है। मिशन के अंतर्गत करीब 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं 300 से अधिक AI स्टार्टअप्स को सहयोग तथा 50 से अधिक AI आधारित सरकारी सेवाएं विकसित करने की योजना है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में AI के जरिए रोजगार और स्टार्टअप के अवसरों का उल्लेख महत्वपूर्ण हो सकता है।
भर्ती प्रक्रिया में बदलाव को उपलब्धि के रूप में रख सकती है सरकार
युवाओं के रोजगार से जुड़े बड़े फैसलों में छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन भी शामिल है। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, एकीकृत और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक, 2026 विधानसभा से पारित किया गया है। इसके अलावा CGPSC की भर्ती प्रक्रिया में सुधार और भर्ती परीक्षाओं के लिए निश्चित परीक्षा कैलेंडर लागू करने की दिशा में भी सरकार ने कदम उठाए हैं। सरकार भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता को युवाओं के हित में महत्वपूर्ण सुधार के रूप में प्रस्तुत करती रही है।
SI मुख्य परीक्षा की नई तारीख घोषित
सब-इंस्पेक्टर कैडर एवं प्लाटून कमांडर मुख्य परीक्षा-2024 को लेकर भी अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। अक्टूबर में प्रस्तावित परीक्षा अब 2, 3 और 4 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा की तिथि में बदलाव से अभ्यर्थियों को अन्य परीक्षाओं के साथ संभावित टकराव से राहत मिलने की उम्मीद है।
कौशल विकास और रोजगार मेलों पर जोर
सरकार का फोकस युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने पर भी है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत वर्ष 2013 से अब तक 4.90 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी दी गई है। इनमें करीब 2.71 लाख युवाओं को रोजगार मिलने की बात कही गई है। राज्य में 356 प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाओं के माध्यम से 207 पंजीकृत कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। जिलों में रोजगार मेले आयोजित कर युवाओं को उद्योगों से सीधे जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है।
ITI आधुनिकीकरण से उद्योग आधारित प्रशिक्षण
युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित करने के लिए ITI के आधुनिकीकरण पर भी सरकार का जोर है। प्रधानमंत्री सेतु योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 6 क्लस्टर चुने गए हैं। इनके माध्यम से ITI उन्नयन और उद्योग आधारित प्रशिक्षण को बढ़ावा देने की तैयारी है। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में भी दाखिलों में वृद्धि दर्ज की गई है। सत्र 2025-26 में इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश में 31 प्रतिशत और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में 36 प्रतिशत वृद्धि की जानकारी सामने आई है।
नई उद्योग नीति से निजी क्षेत्र में रोजगार की उम्मीद
सरकार युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। नई उद्योग नीति के तहत करीब 8 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए जाने की जानकारी दी गई है। सेमीकंडक्टर, AI डेटा सेंटर और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में निवेश से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी विस्तार
सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में विस्तार को भी युवाओं के भविष्य से जोड़कर देख रही है। बस्तर में शिक्षा के विस्तार और एजुकेशन सिटी की दिशा में काम के साथ जनजातीय विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित होने तथा पांच नए मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति मिलने की जानकारी दी गई है। नए मेडिकल कॉलेजों में कुल 250 सीटें स्वीकृत होने और इसी वर्ष पढ़ाई शुरू होने की बात कही गई है। ऐसे में अब सबकी निगाहें 15 अगस्त के मुख्यमंत्री के संबोधन पर हैं। युवाओं से जुड़े रोजगार, भर्ती, कौशल विकास और AI मिशन को लेकर कोई नया ऐलान होता है या सरकार अपनी मौजूदा योजनाओं की प्रगति सामने रखती है, इसका खुलासा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ही होगा।