रायपुर। नवा रायपुर स्थित नए विधानसभा भवन में 14 दिसंबर से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह सत्र 14 से 17 दिसंबर तक चार दिनों तक चलेगा। पहले दिन ‘छत्तीसगढ़ विजन’ पर विशेष चर्चा होगी, जिसमें राज्य की दिशा और विकास रणनीतियों पर विस्तृत विमर्श होगा। सत्र में इस बार सभी मंत्रियों को विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों की ओर से कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। विधायकों ने कुल 628 सवाल लगाए हैं, जिनमें से 604 ऑनलाइन और 24 ऑफलाइन भेजे गए हैं। यह संख्या बताती है कि सत्र बेहद गर्मागर्म होने वाला है।
• लॉ एंड ऑर्डर, धान खरीदी और सड़कों की बदहाली पर घेराबंदी
बीजेपी विधायक इस बार साय मंत्रिमंडल को कानून-व्यवस्था, धान खरीदी की गड़बड़ियों, सड़कों की खराब स्थिति, राशन वितरण में अनियमितताओं जैसे मुद्दों पर घेरने की तैयारी में हैं। वहीं कांग्रेस विधायक भी कई विभागों के फैसलों पर सवाल खड़े कर सरकार से जवाब मांगेंगे। नया विधानसभा भवन अगले चार दिनों तक तीखी बहसों, तर्कों और राजनीतिक टकरावों का केंद्र बनाने जा रहा है।
• नोटिस देने की प्रक्रिया सख्त
सत्र के दौरान सदस्य सुबह 8 बजे तक ध्यानाकर्षण सूचना, स्थगन सूचना और नियम 267-क के तहत नोटिस दे सकेंगे। विधानसभा सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि—एक सदस्य प्रतिदिन अधिकतम दो ध्यानाकर्षण और एक स्थगन नोटिस दे सकेगा। पूरे तीन दिन की कार्यवाही में अधिकतम छह ध्यानाकर्षण और तीन स्थगन नोटिस स्वीकार किए जाएंगे।
• पहली बार पूरा सत्र नए विधानसभा भवन में
सत्र की खास बात यह है कि इस बार पूरा कामकाज नए विधानसभा भवन में होगा। पिछला सत्र 18 नवंबर को पुराने भवन में शुरू हुआ था, जिसे अब नए परिसर में आगे बढ़ाया जा रहा है। आधुनिक सुविधाओं से लैस नया सभागार, विस्तृत चर्चा कक्ष और उन्नत तकनीक इस सत्र को पहले से ज्यादा व्यवस्थित और प्रभावी बनायेंगे। विधायकों की तैयारियों और मुद्दों की भारी संख्या को देखते हुए उम्मीद है कि यह सत्र राज्य की राजनीति में कई महत्वपूर्ण फैसले और तीव्र बहसें दर्ज करेगा।