
ऑनलाइन एवं प्रत्यक्ष पौधारोपण, रील मेकिंग और जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
जामगांव (आर)। शहीद डोमेश्वर साहू शासकीय महाविद्यालय, जामगांव (आर) की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस का आयोजन जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन की थीम पर उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम प्राचार्य डॉ. शिखा अग्रवाल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने ऑनलाइन एवं प्रत्यक्ष गतिविधियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. शिखा अग्रवाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस का विषय नहीं, बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को जल की प्रत्येक बूंद बचाने, अनावश्यक विद्युत उपयोग से बचने तथा पेट्रोल एवं अन्य ईंधनों की खपत कम करने का संदेश देते हुए कहा कि छोटे-छोटे प्रयास भी पर्यावरण संरक्षण में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय परिसर एवं किसान चौक में पौधारोपण किया गया। बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन पौधारोपण प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें स्वयंसेवकों ने अपने घरों और आसपास पौधे लगाकर उनके फोटो एवं वीडियो साझा किए। विद्यार्थियों ने अपने परिजनों के साथ मिलकर पौधारोपण करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज तक पहुंचाया।
पर्यावरण संरक्षण विषय पर आयोजित रील मेकिंग गतिविधि में विद्यार्थियों ने पक्षियों के लिए जल व्यवस्था, ऑर्गेनिक खेती, वर्षा जल संचयन तथा पौधारोपण जैसे विषयों पर रचनात्मक प्रस्तुतियां दीं। राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी श्रीमती चेतना सोनी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज विश्व की सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक है, जिसका प्रभाव कृषि, जल स्रोतों और मानव जीवन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने खेतों और जल स्रोतों को बचाने, वृक्षारोपण को बढ़ावा देने तथा पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
विद्यार्थियों ने “भले ही पेड़ कम लगाएं, पर जो लगाएं उन्हें बचाएं” जैसे स्लोगन के माध्यम से वृक्ष संरक्षण का संदेश दिया। स्वयंसेवकों ने किसान चौक के सौंदर्यीकरण का संकल्प भी लिया तथा आसपास के दुकानदारों को जल संरक्षण, प्लास्टिक प्रतिबंध और कचरा प्रबंधन के नए नियमों के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के अंत में सभी स्वयंसेवकों ने आगामी वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक वृक्षारोपण एवं जल संचयन करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में रश्मि, झमिता, प्रियंका, मोहिनी, डिंपल, भूमिका, विनीता, टेसूका एवं डुमेश्वरी सहित अन्य स्वयंसेवकों का विशेष योगदान रहा।