
जामगांव आर। दक्षिण पाटन के ग्राम किकिरमेटा निवासी सबीना खान ने मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन के जरिए अपने घर के आंगन से शुरू किए छोटे से पोल्ट्री कारोबार को सफल व्यवसाय में बदल दिया है। बिहान समूह से जुड़कर व्यवसाय शुरू करने वाली सबीना वर्तमान में पोल्ट्री व्यवसाय से सालाना करीब 2 से 3 लाख रुपए तक की आमदनी अर्जित कर रही हैं। सबीना वर्ष 2021 में बिहान समूह से जुड़ीं। समूह के माध्यम से उन्हें 15 हजार रुपए आरएफ और 60 हजार रुपए सीआईएफ की सहायता मिली। इसके अलावा बैंक से 60 हजार रुपए का ऋण प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहयोग से उन्होंने सोनाली नस्ल की मुर्गियों का पालन शुरू किया। शुरुआत छोटे स्तर से हुई, लेकिन बाजार की मांग, अनुभव और निरंतर मेहनत के साथ सबीना ने अपने व्यवसाय का विस्तार किया। उन्होंने मुर्गियों के दाना-पानी, साफ-सफाई, स्वास्थ्य और समय पर देखभाल पर विशेष ध्यान दिया। बेहतर प्रबंधन के चलते धीरे-धीरे कारोबार बढ़ता गया और आज यह उनकी आय का महत्वपूर्ण साधन बन चुका है।
सबीना के अनुसार, सही मार्गदर्शन, मेहनत और लगन के साथ ग्रामीण महिलाएं भी अपने घर से व्यवसाय शुरू कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं। बिहान समूह से जुड़ने के बाद उन्हें न केवल आर्थिक सहयोग मिला, बल्कि स्वयं का व्यवसाय खड़ा करने का अवसर भी प्राप्त हुआ। सबीना की सफलता का असर गांव की अन्य महिलाओं पर भी पड़ा है। उनकी सफलता से प्रेरित होकर किकिरमेटा की करीब 10 महिलाओं ने भी पोल्ट्री व्यवसाय शुरू किया है। इससे समूह से जुड़ी महिलाओं में स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का उत्साह बढ़ा है। सबीना की कहानी ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्व-सहायता समूहों की भूमिका और आर्थिक सशक्तिकरण की संभावनाओं को सामने लाती है। घर के आंगन से शुरू हुआ उनका छोटा प्रयास आज न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का माध्यम बना है, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी स्वरोजगार की प्रेरणा बन गया है।