
दुर्ग। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले प्रतिभावान और मेधावी विद्यार्थियों को NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर देने के उद्देश्य से दुर्ग जिले में ‘सुपर 80’ परियोजना की शुरुआत की गई है। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट का शुभारंभ दुर्ग स्थित स्वामी आत्मानंद झाड़ू राम देवांगन स्कूल में किया गया। ‘सुपर 80’ के तहत चयनित सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को NEET और JEE की नि:शुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। विद्यार्थियों को विषयवार तैयारी के साथ विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवश्यक शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराना है, जो आर्थिक कारणों से निजी कोचिंग का खर्च वहन नहीं कर पाते।
‘सुपर 30’ की तर्ज पर पहल
यह परियोजना प्रसिद्ध शिक्षक आनंद कुमार के ‘सुपर 30’ की तर्ज पर शुरू की गई है। इसके माध्यम से सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
कठिन विषयों को आसान तरीके से समझाया
परियोजना के पहले दिन विषय विशेषज्ञ शिक्षकों ने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए कठिन विषयों को सरल तरीके से समझाया। पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए कहानियों, उदाहरणों और आसान ट्रिक्स का उपयोग किया गया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि NEET और JEE जैसी परीक्षाओं की तैयारी में केवल रटने के बजाय अवधारणाओं को समझना, नियमित अभ्यास और समय प्रबंधन महत्वपूर्ण है।
ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर फोकस
‘सुपर 80’ में ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पहल के जरिए यह प्रयास किया जा रहा है कि संसाधनों की कमी किसी विद्यार्थी की प्रतिभा और उसके भविष्य के लक्ष्य में बाधा न बने। अब चयनित विद्यार्थी नियमित कक्षाओं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और प्रतियोगी परीक्षा आधारित अध्ययन के माध्यम से NEET और JEE की तैयारी करेंगे। योजना के माध्यम से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को मेडिकल और इंजीनियरिंग क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।