“ओवरटेक को लेकर आखिर क्यों भिड़े विधायक के बेटे और बस स्टाफ? VIDEO वायरल, मौके पर पहुंची पुलिस… लेकिन FIR अब तक नहीं!”

“ओवरटेक को लेकर आखिर क्यों भिड़े विधायक के बेटे और बस स्टाफ? VIDEO वायरल, मौके पर पहुंची पुलिस… लेकिन FIR अब तक नहीं!”

कांकेर, 8 सितंबर 2026। कांकेर जिले में ओवरटेक को लेकर हुए विवाद का मामला अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस विधायक सावित्री मंडावी के बेटे अमन मंडावी पर बस के ड्राइवर और कंडक्टर के साथ कथित मारपीट किए जाने का आरोप लगा है। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें मौके पर पुलिसकर्मी भी दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि सड़क पर ओवरटेक करने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते मामला बहस से आगे बढ़ गया और कथित मारपीट की स्थिति बन गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाइश दी।

वायरल वीडियो में क्या दिखा?

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पुलिसकर्मी दोनों पक्षों से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। पुलिस द्वारा दोनों पक्षों को थाने पहुंचकर अपनी-अपनी शिकायत दर्ज कराने की बात कहते हुए भी देखा जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिस अमन मंडावी को अपने साथ थाने ले गई थी, जिन्हें बाद में सुबह छोड़ दिया गया। हालांकि, घटना को लेकर पुलिस की ओर से अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

आरोपों के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा

वीडियो वायरल होने के बाद मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया पर लोग अपने-अपने दावे और प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो को आधार बनाकर घटना के पूरे घटनाक्रम या किसी व्यक्ति की भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। विवाद की शुरुआत वास्तव में किस बात को लेकर हुई और कथित मारपीट की स्थिति कैसे बनी, यह संबंधित पक्षों के बयान तथा पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

FIR दर्ज नहीं, कई सवाल बरकरार

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक मामले में किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। बस ड्राइवर और कंडक्टर की ओर से शिकायत की पुष्टि नहीं हुई है, वहीं अमन मंडावी की तरफ से भी कोई शिकायत सामने नहीं आई है।

ऐसे में फिलहाल पूरा मामला आरोप, वायरल वीडियो और पुलिस की मौके पर मौजूदगी तक सीमित है। अब सभी की नजर पुलिस के आधिकारिक बयान और संबंधित पक्षों की शिकायत पर है। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ओवरटेक को लेकर शुरू हुए विवाद में वास्तव में क्या हुआ था।

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