टेमरी नहर के पास फ्लाई ऐश फैक्ट्री में धावा, CCTV कैमरा और DVR तक ले गए चोर; खेतो से केबल,शराब दुकान से पल्सर व मंदिरों में तांबे के नाग-लोटे की चोरी से ग्रामीणों में दहशत -पुलिसिंग पर उठे सवाल

टेमरी नहर के पास फ्लाई ऐश फैक्ट्री में धावा, CCTV कैमरा और DVR तक ले गए चोर; खेतो से केबल,शराब दुकान से पल्सर व मंदिरों में तांबे के नाग-लोटे की चोरी से ग्रामीणों में दहशत -पुलिसिंग पर उठे सवाल

जामगांव आर(मनीष चंद्राकर )। दक्षिण पाटन अंचल में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली और ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंदिर, किसान के खेत, सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिल और अब फैक्ट्री—चोरों के निशाने पर एक के बाद एक स्थान आ रहे हैं। घटनाएं लगातार सामने आने के बावजूद चोरों का सुराग नहीं लगना पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़े कर रहा है। ताजा घटना सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात टेमरी नहर के पास स्थित ओम फ्लाई ऐश ब्रिक्स फैक्ट्री की है। अज्ञात चोर फैक्ट्री में घुसे और CCTV कैमरा तथा DVR तक निकाल ले गए। इसके अलावा पेयजल मोटर, फैक्ट्री मोटर का केबल, ट्रैक्टर के सेल्फ-बोल्ट पार्ट्स सहित अन्य सामान चोरी कर लिया गया। फैक्ट्री मालिक जयप्रकाश चंद्राकर ने चोरी गए सामान की कीमत करीब एक लाख रुपये बताई है। चोरों ने चौकीदार के कमरे में भी तोड़फोड़ की। मामले की लिखित शिकायत जामगांव आर थाने में की गई है। बताया गया है कि CCTV के एक कैमरे में चोर की गतिविधि रिकॉर्ड हुई है। मामले में जामगांव आर पुलिस जाँच कर रही है।

दो दिन पहले बाइक चोरी, मंदिर भी नहीं बचा

फैक्ट्री में चोरी से महज दो दिन पहले किकिरमेटा अरकार शराब दुकान के पास बेल्हारी निवासी दयानंद बंसोड की पल्सर मोटरसाइकिल चोरी हो गई। मामले की शिकायत सनौद थाने में दर्ज कराई गई है। वहीं बेल्हारी के शिव मंदिर से चोर तांबे का नाग, लोटा सहित अन्य सामान चोरी कर ले गए। किसानों के खेतों में लगे सिंचाई पंपों के केबल चोरी की घटनाएं तो अंचल में लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों से केबल चोरी होने की घटनाएं लगातार होती हैं, लेकिन कई मामलों में कार्रवाई या चोरी गए सामान की बरामदगी नहीं होने से किसानों में पुलिस के प्रति निराशा बढ़ रही है। स्थिति यह है कि अब कुछ किसान चोरी की शिकायत दर्ज कराने थाने तक जाने से भी कतराने लगे हैं। यह स्थिति अपने आप में पुलिसिंग व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। यदि पीड़ित ही शिकायत करने से पीछे हटने लगे तो फिर अपराधों का वास्तविक आंकड़ा और जमीनी स्थिति सामने कैसे आएगी?

•|कबाड़ में खप रहा चोरी का माल? निगरानी पर सवाल

क्षेत्र के ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि खेतों से चोरी होने वाले केबल और अन्य धातु सामग्री को कबाड़ी के माध्यम से खपाया जा सकता है। कुछ ग्रामीण कबाड़ी कारोबारियों और देवार समुदाय के कुछ लोगों पर संदेह भी जता रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस यदि चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त करने वाले संभावित ठिकानों और कबाड़ी कारोबारियों की प्रभावी जांच करे तो चोरी के नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। ऐसे में सवाल यह भी है कि चोरी का माल आखिर कहां खप रहा है और पुलिस उस कड़ी तक क्यों नहीं पहुंच पा रही है?

• एसडीओपी ने दिए कार्रवाई के निर्देश

लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं को लेकर पाटन एसडीओपी प्रांशु तिवारी ने जामगांव आर थाना प्रभारी एवं पुलिस अमले को चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने तथा दर्ज शिकायतों की तत्परता से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अब ग्रामीणों की नजर पुलिस की आगामी कार्रवाई और चोरी के मामलों के खुलासे पर टिकी हुई है। वैसे क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाएं केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा और उनकी मेहनत की कमाई से जुड़ा सवाल भी हैं। यदि पुलिस पुराने मामलों का जल्द खुलासा करने, चोरों को पकड़ने और चोरी के सामान की बरामदगी में सफल नहीं होती है, तो “चोर बेखौफ और पुलिस बेबस” जैसी ग्रामीणों की धारणा और मजबूत होना स्वाभाविक है।

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