
बिलासपुर। गुजरात की वक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता काजल हिंदुस्थानी ने बिलासपुर में महिला सुरक्षा, धर्मांतरण, कथित लव-जिहाद और भारतीय संस्कृति से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को ‘तीन-M’ से मुक्त करने की जरूरत है और हिंदू बेटियों को कथित लव-जिहाद और धर्मांतरण से बचाने के लिए समाज में जागरूकता बढ़ाई जानी चाहिए। वंदे मातरम् मित्र मंडल के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित होने वाले ‘एक शाम बेटियों के नाम’ कार्यक्रम से पहले काजल हिंदुस्थानी ने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा के साथ-साथ मनुस्मृति और भारतीय संस्कृति से जुड़े मुद्दों पर भी अपने विचार रखे।
‘तीन-M’ से छत्तीसगढ़ को मुक्त करने की बात
मीडिया से बातचीत में काजल हिंदुस्थानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ को ‘तीन-M’ से मुक्त करना है। उन्होंने हिंदू संगठनों से जुड़ी माताओं और बेटियों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि समाज को अपनी बेटियों की सुरक्षा और जागरूकता को लेकर सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कथित लव-जिहाद और धर्मांतरण का जिक्र करते हुए कहा कि इन मुद्दों को लेकर समाज में जागरूकता जरूरी है। उनके मुताबिक, केवल सरकार के भरोसे महिला सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती, बल्कि समाज को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
‘लव-जिहाद पीड़ित बच्चियों के लिए बने पुनर्वास केंद्र’
महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा से जुड़े सवाल पर काजल हिंदुस्थानी ने कहा कि कथित लव-जिहाद से पीड़ित बच्चियों के लिए पुनर्वास केंद्र बनाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों से गुजरने वाली लड़कियों को सामाजिक और मानसिक सहयोग के साथ सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने महिला सुरक्षा को सरकार के साथ-साथ समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया। जब उनसे पूछा गया कि क्या देश में महिला एवं बाल विकास विभाग की जरूरत नहीं है, तो उन्होंने इसका जवाब “बिल्कुल नहीं” में दिया। उन्होंने देश में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए और कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों को भी महिला उत्पीड़न के मुद्दों पर ज्यादा मुखर होना चाहिए। हालांकि, जब उनसे देश में महिला प्रधानमंत्री को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि देश में महिला प्रधानमंत्री होनी चाहिए।
मनुस्मृति के मुद्दे पर राहुल गांधी को चुनौती
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मनुस्मृति को लेकर दिए गए हालिया बयान पर भी काजल हिंदुस्थानी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मनुस्मृति में महिलाओं के उल्लेख को लेकर राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि कोई यह बताए कि इसमें महिलाओं के बारे में क्या गलत लिखा गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय वेदों और ग्रंथों में नारी सम्मान की बात कही गई है। उनके मुताबिक, भारतीय परंपरा में महिलाओं को सम्मान देने की बात लंबे समय से कही जाती रही है और इस विषय पर तथ्यों के साथ चर्चा होनी चाहिए।
स्वरा भास्कर के कथित बयान पर जताई नाराजगी
अभिनेत्री स्वरा भास्कर द्वारा रानी पद्मावती को लेकर दिए गए कथित बयान पर भी काजल हिंदुस्थानी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि समाज को अपनी बेटियों को भारतीय इतिहास और संस्कृति से परिचित कराना चाहिए। उन्होंने माताओं से अपील की कि वे बेटियों को बचपन से ही भारतीय इतिहास की प्रमुख महिला हस्तियों के बारे में जानकारी दें। उन्होंने रानी पद्मावती, महारानी लक्ष्मीबाई और माता अहिल्याबाई होल्कर जैसी ऐतिहासिक महिलाओं के जीवन और योगदान से बेटियों को परिचित कराने की बात कही।
महिला सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता पर जोर
काजल हिंदुस्थानी ने कहा कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा केवल कानून और सरकारी योजनाओं तक सीमित विषय नहीं होना चाहिए। परिवार और समाज को भी बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और जागरूकता के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। बिलासपुर में होने वाले ‘एक शाम बेटियों के नाम’ कार्यक्रम के जरिए आयोजकों का फोकस भी महिलाओं और बेटियों से जुड़े सामाजिक मुद्दों पर चर्चा करने पर है। कार्यक्रम से पहले काजल हिंदुस्थानी के बयानों के बाद महिला सुरक्षा, धर्मांतरण, कथित लव-जिहाद और मनुस्मृति जैसे मुद्दे एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में आ गए हैं।