
जामगांव आर। अंचल में धान की रोपाई और निंदाई का काम पूरा होने के बाद अब खेतों में पानी की कमी किसानों के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है। बीते करीब 10 दिनों से तेज धूप के चलते खेतों का पानी तेजी से सूख रहा है। खासकर गैर-अपासी खेतों में सिंचाई संकट गहराने से खरीफ फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों ने खरीफ फसल की बोवाई से लेकर रोपाई, निंदाई और खाद आदि पर अपनी जमा पूंजी खर्च कर दी है। ऐसे में फसल के महत्वपूर्ण चरण में पर्याप्त पानी नहीं मिलने से किसानों को उत्पादन प्रभावित होने की आशंका सताने लगी है। किसानों का कहना है कि खेतों में नमी बनाए रखने के लिए समय पर सिंचाई नहीं हुई तो धान की फसल पर इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
इसी स्थिति को देखते हुए जामगांव आर क्षेत्र के जनपद सदस्य रामकुमार चंद्राकर ने सांसद विजय बघेल, जिलाधीश दुर्ग एवं सिंचाई विभाग से तांदुला बांध से खेतों की सिंचाई के लिए शीघ्र पानी छोड़ने की मांग की है।
रामकुमार चंद्राकर ने कहा कि किसानों ने बड़ी मेहनत और अपनी जमा पूंजी लगाकर धान की फसल तैयार की है। रोपाई और निंदाई का कार्य पूरा होने के बाद वर्तमान में फसल को पानी की आवश्यकता है। तेज धूप के कारण खेतों में उपलब्ध पानी तेजी से कम हो रहा है और गैर-अपासी क्षेत्र के किसान सिंचाई को लेकर चिंतित हैं। यदि समय रहते तांदुला बांध से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है तो किसानों की फसल को राहत मिल सकती है। उन्होंने सांसद विजय बघेल, जिला प्रशासन एवं सिंचाई विभाग से किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तांदुला बांध से नहरों के माध्यम से पर्याप्त पानी छोड़ने की व्यवस्था शीघ्र करने की मांग की, ताकि खरीफ धान की फसल को समय पर सिंचाई मिल सके और किसानों की मेहनत एवं पूंजी सुरक्षित रह सके।