
आदेश 7 नियम 11 के आवेदन पर 17 सितंबर को आएगा फैसला; याचिका आगे चलेगी या शुरुआती स्तर पर ही खत्म होगी, हाईकोर्ट तय करेगा
बिलासपुर। दुर्ग लोकसभा चुनाव से जुड़ी सांसद विजय बघेल की चुनाव याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट 17 सितंबर को अहम आदेश सुनाएगा। मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज करने की मांग की गई है। हाईकोर्ट के आदेश से यह स्पष्ट होगा कि चुनाव याचिका में आगे साक्ष्य और सुनवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी अथवा मामला प्रारंभिक चरण में ही समाप्त हो जाएगा। मामले की सुनवाई 10 सितंबर को न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की अदालत में हुई थी। उस दिन सांसद विजय बघेल और उनके गवाह सौरभ चौबे साक्ष्य दर्ज कराने के लिए हाईकोर्ट पहुंचे थे, लेकिन भूपेश बघेल की ओर से दाखिल आवेदन पर सुनवाई के चलते साक्ष्य दर्ज नहीं हो सका। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने आवेदन पर आदेश के लिए 17 सितंबर की तारीख तय की।
आदेश 7 नियम 11 के तहत आपत्ति
भूपेश बघेल की ओर से 9 सितंबर को सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 7 नियम 11 के तहत आवेदन पेश किया गया। इसमें विजय बघेल की चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर खारिज करने का आग्रह किया गया है। आवेदन में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 86(1) का भी हवाला दिया गया है। आवेदन पेश होने के बाद विजय बघेल की ओर से भी उसी दिन जवाब दाखिल किया गया। भूपेश बघेल की ओर से अधिवक्ता मयंक जैन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित हुए, जबकि विजय बघेल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता टीके झा सहित अन्य अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा।
अब 17 सितंबर पर टिकी नजर
हाईकोर्ट के समक्ष फिलहाल मुख्य प्रश्न प्रारंभिक आपत्ति से जुड़ा है। यदि आवेदन स्वीकार किया जाता है तो चुनाव याचिका प्रारंभिक स्तर पर समाप्त हो सकती है। वहीं आवेदन स्वीकार नहीं होने की स्थिति में याचिका की आगे की न्यायिक प्रक्रिया और साक्ष्य संबंधी कार्यवाही जारी रहने का रास्ता खुला रहेगा। अंतिम स्थिति हाईकोर्ट के 17 सितंबर के आदेश से स्पष्ट होगी।