बिलासपुर/पाटन। 2023 के पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़े पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और भाजपा सांसद विजय बघेल के बीच चल रहे चुनाव याचिका मामले में 6 अक्टूबर को बिलासपुर हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। कार्यवाही के दौरान याचिकाकर्ता विजय बघेल स्वयं अदालत में उपस्थित हुए और उनकी ओर से साक्ष्य/गवाही दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। सुनवाई के दौरान भूपेश बघेल की ओर से मामले में अतिरिक्त मुद्दे तय किए जाने को लेकर नया आवेदन पेश किए जाने का मामला भी सामने आया। रिपोर्टों के अनुसार इस आवेदन पर दोनों पक्षों की ओर से विस्तृत बहस हुई। हाईकोर्ट ने आवेदन पर अपना आदेश सुरक्षित रखते हुए 13 अक्टूबर 2026 को आदेश के लिए मामला सूचीबद्ध किया है।
45 दिन की समय-सीमा को लेकर पहले से चल रहा कानूनी विवाद
इस चुनाव याचिका में शुरुआत से ही याचिका की ग्राह्यता और निर्धारित समय-सीमा का मुद्दा महत्वपूर्ण रहा है। भूपेश बघेल की ओर से चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज किए जाने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने सितंबर में इस मांग को स्वीकार नहीं किया था, जिसके बाद चुनाव याचिका की आगे की सुनवाई का रास्ता खुला। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा। 28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने मौजूदा चरण में हाईकोर्ट की कार्यवाही में हस्तक्षेप करने से इनकार किया। शीर्ष अदालत ने समय-सीमा से जुड़े तथ्यों और उनके कानूनी प्रभाव पर हाईकोर्ट द्वारा विचार किए जाने की गुंजाइश छोड़ी थी।
अब 13 अक्टूबर पर टिकी नजर
6 अक्टूबर की कार्यवाही के बाद अब इस मामले में 13 अक्टूबर की तारीख महत्वपूर्ण हो गई है। हाईकोर्ट द्वारा अतिरिक्त मुद्दों से संबंधित आवेदन पर क्या आदेश दिया जाता है, इससे चुनाव याचिका की आगे की न्यायिक प्रक्रिया की दिशा और स्पष्ट हो सकती है। हालांकि, अदालत के अंतिम आदेश से पहले किसी भी पक्ष की जीत या हार को लेकर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। गौरतलब है कि पाटन विधानसभा चुनाव 2023 में भूपेश बघेल ने भाजपा प्रत्याशी विजय बघेल को पराजित किया था। बाद में विजय बघेल ने निर्वाचन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल की, जिस पर अब न्यायिक प्रक्रिया जारी है।