
रायपुर, 21 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और रंगमंचीय परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवपूर्ण पहचान मिली है। नई दिल्ली में 19 अक्टूबर को आयोजित संगीत नाटक अकादमी के प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार समारोह में प्रदेश के दो प्रतिभाशाली कलाकारों को सम्मानित किया गया। जशपुर के डॉ. आनंद पाण्डेय को उत्कृष्ट अभिनय तथा सारंगढ़ के घनश्याम साहू को विशिष्ट नाट्य लेखन एवं छत्तीसगढ़ी फिल्मों में प्रभावशाली पटकथा लेखन के लिए यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया। मेघदूत थिएटर परिसर, रविंद्र भवन, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने दोनों कलाकारों को सम्मानित किया। इस उपलब्धि से छत्तीसगढ़ की रंगमंचीय परंपरा, साहित्यिक रचनात्मकता और छत्तीसगढ़ी सिनेमा को राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिली है।
जशपुर के डॉ. आनंद पाण्डेय ने रंगमंच में बनाई विशिष्ट पहचान
छत्तीसगढ़ के दूरस्थ आदिवासी अंचल जशपुर में रंगमंच की परंपरा को आगे बढ़ाने वाले डॉ. आनंद पाण्डेय को उत्कृष्ट अभिनय के लिए उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनकी उपलब्धि जशपुर सहित सरगुजा अंचल और पूरे प्रदेश के रंगकर्मियों के लिए प्रेरणादायी है। डॉ. पाण्डेय की सफलता इस बात को रेखांकित करती है कि प्रतिभा, निरंतर अभ्यास और कला के प्रति समर्पण के बल पर दूरस्थ क्षेत्रों में रहकर भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। उनका सम्मान आदिवासी अंचलों में मौजूद सांस्कृतिक प्रतिभाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।
घनश्याम साहू के नाट्य और पटकथा लेखन को मिला सम्मान
सारंगढ़ के घनश्याम साहू को विशिष्ट नाट्य लेखन और छत्तीसगढ़ी फिल्मों में प्रभावशाली पटकथा लेखन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश की साहित्यिक, नाट्य और सिनेमाई रचनात्मकता के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नाट्य और पटकथा लेखन किसी भी प्रस्तुति या फिल्म की आधारशिला होते हैं। कथानक, संवाद और सामाजिक जीवन से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में लेखक की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। घनश्याम साहू को मिला यह सम्मान छत्तीसगढ़ी भाषा, साहित्य और सिनेमा से जुड़े रचनाकारों के लिए उत्साहवर्धक है।
युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा बना राष्ट्रीय सम्मान
संगीत नाटक अकादमी का उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार प्रदर्शन कलाओं के क्षेत्र में प्रतिभाशाली कलाकारों को प्रोत्साहित करने वाला प्रतिष्ठित सम्मान है। छत्तीसगढ़ के दो कलाकारों को यह पुरस्कार मिलना प्रदेश की समृद्ध रंगमंचीय परंपरा और रचनात्मक क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का प्रतीक है। लोककला, लोकनाट्य, संगीत, नृत्य और रंगमंच की समृद्ध विरासत वाले छत्तीसगढ़ की स्थानीय बोलियां, लोक परंपराएं और सामाजिक जीवन कलाकारों को सृजन के विविध अवसर प्रदान करते हैं। ऐसे में प्रदेश के कलाकारों की राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी बधाई
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने डॉ. आनंद पाण्डेय और घनश्याम साहू को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान मिलने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती कला, संस्कृति और सृजनशीलता की समृद्ध विरासत से परिपूर्ण है। प्रदेश के दूरस्थ वनांचलों और छोटे कस्बों से निकलकर कलाकारों का राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित होना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि दोनों कलाकारों की उपलब्धियां प्रदेश की युवा पीढ़ी, रंगकर्मियों, साहित्यकारों और सिनेमा से जुड़े रचनाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनकी कला साधना छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को और सशक्त बनाने में योगदान देगी। दोनों कलाकारों को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की सामूहिक सांस्कृतिक चेतना, रचनात्मक प्रतिभा और कला साधना का भी सम्मान है। इससे प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पटल पर नई पहचान मिलने के साथ भावी कलाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा।