रिकॉर्ड में त्रुटि के चलते भटक रही थीं रामेश्वरी सेन, खबर सामने आते ही हरकत में आया श्रम विभाग; छुट्टियों के बीच भी जांच कर सुधारी गई गलती

रिकॉर्ड में त्रुटि के चलते भटक रही थीं रामेश्वरी सेन, खबर सामने आते ही हरकत में आया श्रम विभाग; छुट्टियों के बीच भी जांच कर सुधारी गई गलती

चार दिन में टूटी विभागीय लापरवाही की दीवार, रामेश्वरी सेन को मिला श्रमिक योजनाओं का हक

पाटन। सरकारी रिकॉर्ड में हुई एक छोटी सी गलती के कारण श्रमिक योजनाओं के लाभ से वंचित होने की स्थिति में पहुंची रामेश्वरी सेन को आखिरकार राहत मिल गई। मामले को लेकरयुवा चैनल न्यूज़ के खबर के महज चार दिन के भीतर श्रम विभाग ने कार्रवाई करते हुए रिकॉर्ड में हुई त्रुटि को सुधार दिया। विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब रामेश्वरी सेन के लिए पात्रता के अनुसार श्रमिक हितैषी योजनाओं का लाभ लेने का रास्ता साफ हो गया है। दरअसल, रामेश्वरी सेन के नाम से श्रमिक कार्ड का लाभ नहीं मिल पा रहा था। विभागीय रिकॉर्ड में किसी अन्य महिला के नाम से श्रम कार्ड दर्ज होने के कारण रामेश्वरी को अपने ही श्रमिक कार्ड से संबंधित काम के लिए परेशानी उठानी पड़ रही थी। समस्या के समाधान के लिए वह लगातार विभागीय कार्यालय के चक्कर काट रही थीं, लेकिन प्रकरण लंबे समय तक उलझा रहा।
खबर बनी तो विभाग ने दिखाई तेजी
मामले को जब युवा चैनल न्यूज़ उठाया तो श्रम विभाग ने इसे गंभीरता से लिया। बताया गया कि लगातार छुट्टियों के बावजूद विभागीय अमला कार्यालय पहुंचा और प्रकरण की जांच की। जांच के बाद रिकॉर्ड में दर्ज त्रुटि को सुधारने की प्रक्रिया पूरी कर दी गई। चार दिन के भीतर हुई इस कार्रवाई से रामेश्वरी सेन और उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है। अब रिकॉर्ड दुरुस्त होने के बाद उन्हें नियमानुसार श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
एक खबर ने दिलाया अधिकार
यह पूरा मामला सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में रिकॉर्ड की शुद्धता और विभागीय जवाबदेही की अहमियत को भी सामने लाता है। एक छोटी सी रिकॉर्ड संबंधी त्रुटि के कारण पात्र हितग्राही को अपने अधिकार के लिए विभाग के चक्कर लगाने पड़े। हालांकि, मामला सार्वजनिक होने के बाद विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान कर दिया।
रामेश्वरी सेन को आखिरकार उनका हक मिल गया। इस मामले ने एक बार फिर साबित किया कि जब आम आदमी की समस्या को मजबूती से सामने लाया जाता है, तो संबंधित विभाग भी कार्रवाई के लिए मजबूर होता है।

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