रीवागहन-सिलौटी मार्ग बदहाल, बारिश में आवागमन मुश्किल; छह माह पहले शिकायत के बाद भी नहीं जागा विभाग

रीवागहन-सिलौटी मार्ग बदहाल, बारिश में आवागमन मुश्किल; छह माह पहले शिकायत के बाद भी नहीं जागा विभाग

भारी वाहनों की आवाजाही और समय पर संधारण नहीं होने से सड़क हुई जर्जर, सरपंच ने डेढ़ किमी मार्ग को तत्काल चलने लायक बनाने की मांग की

जामगांव आर। दक्षिण पाटन क्षेत्र के ग्राम रीवागहन (अ) से सिलौटी पुल तक जाने वाला मार्ग इन दिनों बदहाली का शिकार है। बरसात के मौसम में सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और कीचड़ जमा होने से ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी रोक नहीं लगने और समय पर सड़क का संधारण नहीं होने के कारण मार्ग की हालत लगातार बिगड़ती गई। जानकारी के अनुसार रीवागहन से सिलौटी पुल तक सड़क का निर्माण मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कराया गया था। वर्तमान में इसका रखरखाव प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) विभाग के अधीन है। बताया जा रहा है कि सड़क के संधारण की निर्धारित अवधि समाप्त हो चुकी है। इसके चलते विभाग के पास नियमित मरम्मत के लिए बजट उपलब्ध नहीं है और अब सड़क के नए निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

छह माह पहले शिकायत, फिर भी नहीं बनी बात

ग्राम पंचायत अकतई की सरपंच माधुरी नरोत्तम निषाद ने बताया कि सड़क की खराब स्थिति को लेकर करीब छह माह पहले संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद अब तक सड़क को आवागमन योग्य बनाने के लिए कोई प्रभावी कार्य नहीं हुआ। ग्रामीणों ने इस समस्या की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में भी दर्ज कराई है। सरपंच ने कहा कि बारिश के दौरान सड़क की स्थिति और ज्यादा खराब हो गई है। उन्होंने विभाग से मांग की है कि रीवागहन मार्ग से सिलौटी पुल तक करीब डेढ़ किलोमीटर हिस्से को कम से कम अस्थायी रूप से आवागमन के योग्य बनाया जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।

स्कूली बच्चों और किसानों को परेशानी

ग्रामीणों के अनुसार यह मार्ग आसपास के गांवों और दुर्ग व धमतरी जिले को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण आवागमन मार्ग है। सड़क खराब होने के कारण दोपहिया वाहनों के साथ छोटे चारपहिया वाहनों को भी आवाजाही में परेशानी हो रही है। स्कूली बच्चों, किसानों और रोजमर्रा के जरूरी काम से आने-जाने वाले ग्रामीणों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह गड्ढों और कीचड़ के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से तत्काल मौके का निरीक्षण कर बारिश के दौरान अस्थायी रूप से सड़क को चलने योग्य बनाने की मांग की है।

नए निर्माण का प्रस्ताव उच्च कार्यालय भेजा

इस संबंध में पीएमजीएसवाई के प्रभारी उप अभियंता छत्तर सिंह ने बताया कि सड़क के नए निर्माण की मांग और प्रस्ताव उच्च कार्यालय को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि स्वीकृति मिलने के बाद इस मार्ग का नए सिरे से निर्माण कराया जाएगा। अब ग्रामीणों की नजर प्रस्ताव की स्वीकृति और सड़क निर्माण की प्रक्रिया पर है। सवाल यह है कि नई सड़क बनने तक बरसात के दौरान ग्रामीणों को राहत देने के लिए अस्थायी व्यवस्था कब तक की जाती है।

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