
सावन के अंतिम सोमवार को उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा कौही
रानीतराई/भेदप्रकाश वर्मा। दक्षिण पाटन के धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र ग्राम कौही (रानीतराई) स्थित स्वयंभू भगवान शिव मंदिर में सावन के अंतिम सोमवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। बरसते पानी के बीच हजारों शिवभक्तों ने करीब आधा किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाकर पावन खारून नदी से जल लाकर स्वयंभू शिवलिंग का जलाभिषेक एवं रुद्राभिषेक किया। इस दौरान हर-हर महादेव, बोलबम-बोलबम, ऊं नमः शिवाय और श्री शिवाय नमोस्तुभ्यम के जयकारों से पूरा क्षेत्र शिवमय हो उठा। खारून नदी के पावन तट पर स्थित कौही के स्वयंभू शिवलिंग के दर्शन-पूजन के लिए पूरे सावन माह श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। 24 अगस्त को सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर मंदिर परिसर में हजारों कांवरियों और शिवभक्तों की भीड़ उमड़ी। जय श्री महाकाली, हनुमान मंदिर परिसर, विहिप, अंतरराष्ट्रीय सिद्धाश्रम साधक परिवार एवं बोलबम सेवा समिति सेमरा बी, सुपेला, सिलतरा, सिलघट, कौही और बोरेन्दा के संयुक्त तत्वावधान में विशाल रुद्राभिषेक तथा महाप्रसादी भोग-भंडारे का आयोजन किया गया।
आयोजन की शुरुआत यज्ञकर्ता पंडित संजीव तिवारी गुजरा द्वारा शिव महापुराण पाठ एवं विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ को जल, दूध-दही, बेलपत्र, चावल, पुष्प, श्रीफल एवं चंदन अर्पित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। आयोजक समिति की व्यवस्था के तहत महिला-पुरुष श्रद्धालुओं के साथ स्कूली बच्चों ने भी हाथों में बाल्टियां लेकर खारून नदी से पवित्र जल भरा। इसके बाद करीब आधा किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाकर श्रद्धालुओं ने जल को एक-दूसरे तक पहुंचाते हुए स्वयंभू शिवलिंग तक पहुंचाया और सामूहिक रूप से जलाभिषेक किया। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
मौके पर दर्शन के लिए सपरिवार पहुँचे विधायक प्रतिनिधि अशोक साहू ने चर्चा में कहा कि सावन के अंतिम सोमवार पर कौही में उमड़ा यह जनसैलाब भगवान भोलेनाथ के प्रति लोगों की अटूट आस्था का प्रमाण है। खारून नदी से जल लाकर मानव श्रृंखला के माध्यम से भगवान शिव का अभिषेक करना सामाजिक एकता और धार्मिक समरसता का सुंदर उदाहरण है। क्षेत्र की जनपद सदस्य रश्मि भेदप्रकाश वर्मा ने यहां शिव ज़ी का पूजन अर्चना कर कहा कि कौही का स्वयंभू शिवधाम क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है। सावन के अंतिम सोमवार को महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने जिस उत्साह के साथ आयोजन में सहभागिता की, वह हमारी सनातन परंपरा और सामूहिक भक्ति की सुंदर तस्वीर है। उन्होंने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं समितियों का आभार व्यक्त किया।
बाजे-गाजे और भजन-कीर्तन के बीच शिवभक्त नाचते-गाते हुए भगवान भोलेनाथ की भक्ति में लीन नजर आए। कांवरियों ने भगवान शिव से क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। पूजा-अर्चना एवं हवन के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें देर शाम तक दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने महाप्रसादी ग्रहण की।
इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष, विधायक प्रतिनिधि अशोक साहू, जनपद सदस्य रश्मि भेदप्रकाश वर्मा, सुमन साहू, सरपंच लीना सुरेश साहू, समिति अध्यक्ष योगेश्वर साहू सहित मंदिर समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।