सिपकोन्हा माइनर के टेल एरिया में पंहुचा पानी, किसानों का आंदोलन समाप्त, उच्च अधिकारियों ने दिया पर्याप्त पानी का लिखित आश्वासन, कृषक प्रतिनिधि धनराज बोले -पर्याप्त पानी नहीं मिला तो किसान फिर करेंगे उग्र आंदोलन

सिपकोन्हा माइनर के टेल एरिया में पंहुचा पानी, किसानों का आंदोलन समाप्त, उच्च अधिकारियों ने दिया पर्याप्त पानी का लिखित आश्वासन, कृषक प्रतिनिधि धनराज बोले -पर्याप्त पानी नहीं मिला तो किसान फिर करेंगे उग्र आंदोलन

15 से अधिक गांवों के किसानों की फसलें सूखने की कगार पर, तांदुला जलाशय में पर्याप्त पानी के बावजूद खेतों तक आपूर्ति नहीं होने पर जताई थी नाराजगी

रानीतराई। दक्षिण पाटन अंचल में सिपकोन्हा माइनर के टेल एरिया (नहर के अंतिम छोर) तक सिंचाई का पानी नहीं पहुंचने से नाराज किसानों का आंदोलन जल संसाधन विभाग के उच्च अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। किसान रानीतराई स्थित जल संसाधन विभाग के निरीक्षण गृह में घेराव और चक्काजाम करने के लिए एकत्रित हुए थे। इस दौरान किसानों एवं जनप्रतिनिधियों की विभागीय अधिकारियों के साथ लंबे समय तक चर्चा हुई। अंततः अधिकारियों ने टेल एरिया के किसानों को पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध कराने और अंतिम छोर तक सिंचाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद किसानों ने आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया।

लिखित आश्वासन में अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी तय

आंदोलन स्थल पर जल संसाधन विभाग के एसडीओ राजेंद्र सोनी ने किसानों से चर्चा की और उन्हें लिखित आश्वासन दिया। विभागीय निर्णय के अनुसार, सिपकोन्हा वितरक नहर से अंतिम खरीफ सिंचाई के लिए 16 मील पर लगभग 18 इंच डिजाइन मात्रा के अनुरूप पानी का गेज आगामी सिंचाई तक बनाए रखने की बात कही गई है। इसके लिए सहायक अभियंता राजीव सुखदेवे के क्षेत्र में पानी की सतत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा उप अभियंता मुकेश अहीर और सहायक अभियंता राजीव सुखदेवे को आपसी समन्वय के साथ अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों अभियंताओं को किसानों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए जाने की जानकारी दी गई। विभाग की ओर से सिककोसा वितरक गेट पर निर्धारित मात्रा में पानी उपलब्ध कराना भी अपनी जिम्मेदारी बताया गया। टेल एरिया के गांवों के किसानों को प्राथमिकता से पानी देने तथा जल्द ही खेतों तक पर्याप्त पानी पहुंचाने के लिखित आश्वासन के बाद किसान आंदोलन समाप्त करने पर सहमत हुए।

15 से अधिक गांवों के किसान सिंचाई संकट से परेशान

सिपकोन्हा माइनर के टेल एरिया में दक्षिण पाटन अंचल के 15 से अधिक गांवों के किसान सिंचाई पानी की कमी से जूझ रहे हैं। प्रभावित गांवों में रानीतराई, डिड़गाभाठा, करेला, डीघारी, औसर, पाहंदा, झाड़मोखली, डिड़गा, रेंगाकठेरा, असोगा, कौही, खपरी और चुलगहन सहित आसपास के गांव शामिल हैं। बारिश थमने के बाद फसलों को पकने के लिए अंतिम सिंचाई की आवश्यकता है, लेकिन नहर के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का आरोप है कि तांदुला जलाशय में पर्याप्त पानी उपलब्ध होने के बावजूद 15 अक्टूबर तक उनके खेतों तक सिंचाई का पानी नहीं पहुंचा था। इससे फसलों के सूखने का खतरा पैदा हो गया था। गौरतलब है कि इससे पहले 12 अक्टूबर को भी रानीतराई में सैकड़ों किसानों ने एकत्रित होकर सिंचाई विभाग से पानी की मांग की थी। उस समय अधिकारियों ने दो दिनों के भीतर पर्याप्त पानी पहुंचाने का आश्वासन दिया था, लेकिन किसानों के अनुसार निर्धारित समय में उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद किसानों ने आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया।

धनराज साहू बोले—सभी किसानों को समय पर मिले पर्याप्त पानी

किसान नेता धनराज साहू ने कहा कि टेल एरिया सहित सभी किसानों को समय पर पर्याप्त नहर पानी मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि तांदुला जलाशय में पर्याप्त पानी होने के बावजूद किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंचना विभागीय लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिला, तो वे दोबारा उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।

किसानों ने कहा—आश्वासन पर आंदोलन समाप्त, वादा पूरा नहीं हुआ तो फिर करेंगे प्रदर्शन

किसान निर्मल जैन और भेदप्रकाश वर्मा ने कहा कि सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारियों के आश्वासन और उनके प्रति विश्वास जताते हुए आंदोलन समाप्त किया जा रहा है। किसानों की मांग है कि लिखित आश्वासन के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में पानी खेतों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसानों के साथ वादाखिलाफी हुई और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिला, तो किसान पुनः उग्र आंदोलन करेंगे।

आंदोलन पर रही एसडीएम की नजर, पुलिस प्रशासन भी रहा सक्रिय

किसानों के आंदोलन को देखते हुए पाटन एसडीएम नीर ने पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी। जानकारी के अनुसार, उन्होंने पिछली रात करीब 8 बजे किसान प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के लिए तहसीलदार मनोज गुप्ता को भेजा था। किसानों को सुबह तक पानी पहुंचने का आश्वासन देते हुए शांति बनाए रखने की अपील की गई थी। वहीं, आंदोलन की चेतावनी के बाद से ही पुलिस प्रशासन सक्रिय रहा। आंदोलन स्थल पर रानीतराई थाना प्रभारी हुबलाल चंद्राकर पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। विभागीय अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद फिलहाल आंदोलन समाप्त हो गया है, लेकिन किसानों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि निर्धारित मात्रा में पानी अंतिम छोर तक कब और कितना पहुंचता है।

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