‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ थीम पर छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ 9वां राष्ट्रीय पोषण माह!मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े बोली- आंगनवाड़ी केंद्रों को बनाया जाएगा सुपोषण और प्रारंभिक बाल विकास का सशक्त केंद्र

‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ थीम पर छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ 9वां राष्ट्रीय पोषण माह!मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े बोली- आंगनवाड़ी केंद्रों को बनाया जाएगा सुपोषण और प्रारंभिक बाल विकास का सशक्त केंद्र

रायपुर, 11 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में बच्चों, माताओं एवं महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार और जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से 9वां राष्ट्रीय पोषण माह-2026 शुरू हो गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत आयोजित इस राज्यव्यापी अभियान की थीम ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ रखी गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार बच्चों और माताओं के पोषण एवं स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह केवल जागरूकता अभियान नहीं, बल्कि पोषण को जनआंदोलन बनाने का अवसर है। परिवार, समुदाय और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से आंगनवाड़ी केंद्रों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

स्थानीय खाद्य पदार्थों से पौष्टिक आहार का प्रदर्शन

पोषण माह के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों में स्थानीय एवं कम लागत वाली खाद्य सामग्री से पौष्टिक व्यंजन तैयार करने का प्रदर्शन किया जाएगा। पोषण मेलों में मिलेट्स, मौसमी फल-सब्जियां, दालें, दुग्ध उत्पाद, मेवे और विभिन्न बीजों के पोषण महत्व की जानकारी दी जाएगी। साथ ही ‘प्रोटीन रिच फूड’ अभियान के माध्यम से परिवारों को प्राकृतिक एवं किफायती प्रोटीन स्रोत अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

गर्म पके भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर निगरानी

आंगनवाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष के बच्चों को दिए जाने वाले गर्म पके भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और विविधता पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। नाश्ते और गर्म भोजन का साप्ताहिक मेन्यू केंद्रों में प्रदर्शित होगा। भोजन की तैयारी एवं वितरण में पारदर्शिता के लिए अभिभावकों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों और मातृ समितियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

पहले 1000 दिनों पर विशेष जोर

अभियान के दौरान बच्चे के जीवन के शुरुआती 1000 दिनों में पोषण और संवेदनशील देखभाल के महत्व को लेकर परिवारों को जागरूक किया जाएगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर संपर्क कर माताओं एवं अभिभावकों को पोषण, स्वास्थ्य और बाल देखभाल संबंधी जानकारी देंगी। बच्चों में विकासात्मक विलंब की प्रारंभिक पहचान कर आवश्यकता पड़ने पर उन्हें राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की मेडिकल टीमों के माध्यम से उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा जाएगा।

मातृ वंदना योजना में 100 प्रतिशत सैचुरेशन का लक्ष्य

राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत प्रत्येक पात्र गर्भवती एवं धात्री महिला को योजना से जोड़ने के लिए 100 प्रतिशत सैचुरेशन अभियान चलाया जाएगा। लंबित आवेदनों की समीक्षा, सत्यापन और स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी लाने के साथ यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे। अभियान के माध्यम से सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बच्चों का सुपोषण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार, समुदाय और पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ की भावना के साथ यह अभियान आंगनवाड़ी केंद्रों को सुपोषण, संवेदनशील देखभाल और बच्चों के सर्वांगीण विकास का प्रभावी आधार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *