नालंदा परिसर पार्ट-2 पर कांग्रेस के 10 सवाल: यूथ हब तोड़ने से रोजगार छीना, भाजपा सरकार से मांगा जवाब

रायपुर। रायपुर में प्रस्तावित नालंदा परिसर पार्ट-2 के निर्माण को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए 10 सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेता श्रीकुमार मेनन ने कहा कि नालंदा पार्ट-2 का भूमि पूजन करने से पहले राज्य सरकार, पूर्व सरकार और क्षेत्रीय विधायक को रायपुर की जनता के सामने कई अहम सवालों के जवाब देने चाहिए। श्रीकुमार मेनन ने आरोप लगाया कि पिछले 3–4 वर्षों से स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बने यूथ हब को नियमों के खिलाफ बताकर जनता को गुमराह किया गया। जबकि विधानसभा में नगरीय निकाय मंत्री अरुण साव के जवाब से यह स्पष्ट हो चुका है कि यूथ हब पूरी तरह नियमों के अनुसार बना था। इसके बावजूद उसे अवैध बताकर तोड़ दिया गया, जो रायपुर की जनता के साथ धोखा है। कांग्रेस ने कहा कि 7 से 8 करोड़ रुपए की लागत से बने यूथ हब को ध्वस्त किए जाने से 300 से 400 लोगों का रोजगार छिन गया। मेनन ने सवाल उठाया कि क्या नगरीय निकाय मंत्री अरुण साव या क्षेत्रीय विधायक राजेश मूणत इन प्रभावित लोगों को दोबारा रोजगार दिलाने की जिम्मेदारी लेंगे? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या किसी जनप्रतिनिधि ने अब तक तोड़ी गई दुकानों से जुड़े लोगों की वर्तमान स्थिति जानने की कोशिश की है।
खर्च की भरपाई को लेकर सवाल
कांग्रेस ने यूथ हब निर्माण पर खर्च की गई करोड़ों रुपए की राशि की भरपाई को लेकर भी सवाल खड़े किए। पार्टी ने पूछा कि इसका जिम्मेदार कौन है—स्मार्ट सिटी के अधिकारी, तत्कालीन सांसद सुनील सोनी, तत्कालीन विधायक बृजमोहन अग्रवाल या कोई और? मेनन ने कहा कि जनता के टैक्स के पैसों से बने निर्माण को तोड़ने की अनुमति देना अपने आप में गंभीर विषय है।
नालंदा पार्ट-2 के स्थान पर आपत्ति
कांग्रेस ने नालंदा परिसर पार्ट-2 के प्रस्तावित स्थल पर भी सवाल उठाए। पार्टी का कहना है कि जब नालंदा पार्ट-1 के पास पहले से खाली और निर्धारित स्थान उपलब्ध था, तो वहां निर्माण क्यों नहीं कराया गया। जीई रोड के किनारे निर्माण से ट्रैफिक जाम और सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं क्यों पैदा की जा रही हैं, यह भी सरकार को स्पष्ट करना चाहिए।
खुली बहस की चुनौती
कांग्रेस नेताओं ने नगरीय निकाय मंत्री अरुण साव और विधायक राजेश मूणत को इन सभी मुद्दों पर जनता और मीडिया के सामने खुली बहस की चुनौती दी है। श्रीकुमार मेनन ने कहा कि यदि दोनों नेताओं में नैतिक साहस है, तो वे सार्वजनिक मंच पर इन सवालों के जवाब दें। उन्होंने कहा कि बहस के बाद सच सामने आएगा और रायपुर की जनता तय करेगी कि झूठ किसने फैलाया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *