बैंक ने वर्ष 2025-26 में अर्जित किया ₹155.80 करोड़ का सकल लाभ, ₹55 करोड़ रहा शुद्ध लाभ
दुर्ग। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग की 111वीं वार्षिक साधारण सभा 28 सितंबर 2026 को स्वामी विवेकानंद हॉल, सांस्कृतिक भवन दुर्ग में बैंक अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में बैंक से संबद्ध सहकारी समितियों के प्राधिकृत अधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आमसभा की कार्यवाही प्रारंभ करते हुए बैंक अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन ने बैंक का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक एवं नाबार्ड के निर्धारित मापदंडों के अनुरूप अंकेक्षण में ‘अ’ वर्ग प्राप्त किया है। बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस.के. वर्मा ने वार्षिक लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि बैंक ने वर्ष 2025-26 में ₹155.80 करोड़ का सकल लाभ अर्जित किया है। सभी आवश्यक प्रावधान किए जाने के बाद बैंक का शुद्ध लाभ ₹55 करोड़ रहा। आमसभा में बैंक की सदस्य समितियों को ₹12.74 करोड़ लाभांश भुगतान किए जाने का निर्णय लिया गया। वित्तीय पत्रकों सहित अन्य प्रस्तावों को उपस्थित प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की।
समितियों के प्रतिनिधियों ने रखे विभिन्न सुझाव और मांगें
बैंक की वार्षिक आमसभा में विभिन्न सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों ने समितियों एवं किसानों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। अहिवारा समिति के पवन जैन ने निवेश ऋण पर ब्याज दर 12 प्रतिशत से घटाकर 3 प्रतिशत करने, समितियों में प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत सोलर पैनल लगाने, खाद गोदाम ऋण पर 50 प्रतिशत अनुदान देने तथा धान खरीदी से पूर्व त्रिपक्षीय अनुबंध कराने की मांग रखी। दाउ ढाल सिंह साख समिति के योगेन्द्र दिल्लीवार ने निवेश ऋण की सीमा बढ़ाने, निवेश ऋण में समितियों को ब्याज पर 2 प्रतिशत कमीशन देने, व्यापारिक गतिविधियों के लिए ऋण उपलब्ध कराने तथा दैनिक वेतन कर्मचारियों को वर्ष 2024-25 का बोनस देने की मांग की। उन्होंने 10 वर्ष से अधिक समय से कार्यरत दैनिक वेतन कर्मचारियों के नियमितीकरण अथवा वेतन वृद्धि के लिए प्रयास करने का सुझाव भी दिया।
देवरबीजा समिति के संजीव तिवारी ने प्रबंधकीय शुल्क 2.50 प्रतिशत से घटाकर 1.50 प्रतिशत करने तथा समितियों के कालातीत ऋणों की वसूली के लिए विशेष प्रयास करने की मांग रखी। साथ ही धान के परिवहन की व्यवस्था समय पर कराने का मुद्दा उठाया। अल्पसंख्यक समिति दुर्ग के रउफ कुरैशी ने क्रेडिट समितियों को रियायती दर पर ऋण उपलब्ध कराने तथा फिक्स्ड डिपॉजिट पर प्रचलित दर से एक प्रतिशत अधिक ब्याज देने की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं सहकारिता मंत्री के अभिनंदन के लिए सहकारी सम्मेलन आयोजित करने का सुझाव भी दिया।.हल्दी समिति के हरदेव लाल सार्वा ने बीमा कमीशन की राशि समितियों को भी दिए जाने तथा केसीसी चेकबुक के पन्नों की संख्या 10 से बढ़ाकर 25 किए जाने की मांग रखी। उन्होंने समिति कर्मचारियों को बैंक भर्ती में प्राथमिकता देने का सुझाव दिया।
इसी तरह चेचानमेटा समिति के नथमल कोठारी ने गोदाम अनुदान की बैंक में जमा राशि समितियों को दिए जाने, समितियों को धान सूखत का लाभ दिलाने तथा एग्रीस्टेक पोर्टल पर पंजीयन की प्रक्रिया अंतिम तिथि के बिना निरंतर जारी रखने की मांग की। पीपरछेड़ी समिति के कृष्णा साहू ने एकमुश्त समझौता योजना लागू करने की मांग रखी। घोठिया समिति के पूरण सिंह राजपूत ने धान का परिवहन निर्धारित समयावधि में कराने की बात कही। खुरसुनी समिति के पवन सोनबरसा ने संग्रहण केंद्र में धान की मात्रा कम होने की समस्या उठाई।.डौण्डी समिति के मणीकांत बघेल ने ब्याज अनुदान की राशि समय पर भुगतान करने की मांग की। बेलौदी समिति के नोहर साहू ने खाद का समायोजन बैंक में तत्काल होने के बावजूद किसानों को खाद विलंब से मिलने का मुद्दा उठाया।भंडेरा समिति के विष्णु प्रसाद साहू ने धान खरीदी पंजीयन की 21 क्विंटल प्रति एकड़ सीमा के भौतिक सत्यापन को लेकर अपनी बात रखी। ननकट्ठी समिति के प्रेमलाल नायक ने खाद कमीशन में वृद्धि, परिवहन भाड़े की समस्या तथा केसीसी गोपालन नवीनीकरण शाखा स्तर पर किए जाने की मांग की।
आमसभा में जामगांव आर समिति के भागवत चन्द्राकर ने एग्रीस्टेक में सहखातेदारों में किसी एक सदस्य की अनुपस्थिति की स्थिति में पंजीयन के विकल्प को लेकर मार्गदर्शन मांगा। जेवरा समिति के प्रबल सिंह ने घरेलू गैस सिलेंडर व्यवसाय के लिए समिति को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग रखी। प्रतिनिधियों द्वारा रखी गई मांगों एवं सुझावों पर बैंक प्रबंधन ने कहा कि बैंक स्तर से संबंधित समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाएगा, जबकि शासन स्तर से संबंधित मांगों को आवश्यक कार्रवाई के लिए शासन को प्रेषित किया जाएगा। आमसभा में बैंक उपाध्यक्ष नरेश यदु, उप पंजीयक दुर्ग सतीश पाटले, उप संचालक कृषि संदीप भोई, बैंक अधिकारी एस.के. निवसरकर, हृदेश शर्मा, कुसुम ठाकुर, के.के. नायक, ए.एस. खान, एस.पी. वाहने, धीरेन्द्र देवांगन, आर.के. मोहनमाला, चन्द्रशेखर मानिकपुरी, विष्णु देवांगन सहित 402 समितियों के प्राधिकृत अधिकारी एवं गैर-कृषि साख सहकारी समितियों के बैंक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।