दक्षिण पाटन के ग्राम औरी में 42.33 करोड़ का 132/33 केवी सब-स्टेशन कमीशन, 67 गांवों को मिलेगी बिजली राहत लेकिन स्थानीय सरपंच को न्योता तक नहीं! पंचायत की जमीन पर बने प्रोजेक्ट में स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिलने से आक्रोश

दक्षिण पाटन के ग्राम औरी में 42.33 करोड़ का 132/33 केवी सब-स्टेशन कमीशन, 67 गांवों को मिलेगी बिजली राहत लेकिन स्थानीय सरपंच को न्योता तक नहीं! पंचायत की जमीन पर बने प्रोजेक्ट में स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिलने से आक्रोश

35 हजार उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ, पाटन क्षेत्र की बिजली आपूर्ति और ट्रांसमिशन व्यवस्था होगी मजबूत

जामगांव आर। दुर्ग जिले के पाटन क्षेत्र में विद्युत पारेषण व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। जामगांव आर क्षेत्र के ग्राम औरी में नव-निर्मित 132/33 केवी विद्युत सब-स्टेशन एवं संबंधित ट्रांसमिशन लाइन, लगभग 42.33 करोड़ रुपए की लागत से तैयार परियोजना को 30 सितंबर 2026 को सफलतापूर्वक चार्ज एवं कमीशन किया गया। सब-स्टेशन को दोपहर 11:58 बजे छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (CSPTCL) के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने चार्ज कर कमीशन किया। कमीशनिंग के साथ ही क्षेत्र की विद्युत पारेषण क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। इस परियोजना से पाटन तथा आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता और गुणवत्ता बेहतर होने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार इस सब-स्टेशन से जामगांव आर, गाड़ाडीह, बेल्हारी, रीवागहन और सेलूद सहित आसपास के क्षेत्रों को बिजली आपूर्ति में राहत मिलेगी।

67 गांवों के करीब 35 हजार उपभोक्ताओं को फायदा

सब-स्टेशन के शुरू होने से क्षेत्र के करीब 67 गांवों के लगभग 35 हजार उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की बात सामने आई है। अब तक पाटन तथा आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति के लिए 132 केवी सब-स्टेशन की दूरी अधिक होने के कारण लो-वोल्टेज और त्वरित वोल्टेज डाउन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। जामगांव में नए सब-स्टेशन के शुरू होने से इन समस्याओं में कमी आने तथा क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति को अधिक स्थिर बनाने में मदद मिलेगी। परियोजना से जामगांव सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती विद्युत मांग को पूरा करने और भविष्य में विद्युत व्यवस्था के विस्तार का आधार भी मजबूत होगा।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ कमीशनिंग कार्यक्रम

कमीशनिंग कार्यक्रम में CSPTCL के वरिष्ठ अधिकारियों, अभियंताओं, कर्मचारियों तथा प्रोजेक्ट, EHT (C&M), सब-स्टेशन O&M, सिविल और C&TM विंग से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों की मौजूदगी रही। परियोजना से जुड़े अधिकारियों और टीमों के समन्वित प्रयासों से निर्माण, परीक्षण और अंतिम कमीशनिंग का कार्य पूरा किया गया। कार्यक्रम में ED (लाइन) संजय पटेल, ED (ट्रांसमिशन) वी.के. दीक्षित, ED (PC एवं RA) के.एस. मनोटिया, ED (फाइनेंस) एम.एस. चौहान, CE (सिविल) संजय तिवारी, CE (सब-स्टेशन) अब्राहम वर्गीस, CE (प्रोजेक्ट) प्रसन्ना गोस्वामी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

पंचायत प्रतिनिधियों में स्थानीय रोजगार को लेकर नाराजगी

दूसरी ओर, सब-स्टेशन के शुभारंभ कार्यक्रम में स्थानीय ग्राम पंचायत के सरपंच को आमंत्रित नहीं किए जाने को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों में नाराजगी सामने आई है। ग्राम पंचायत की सरपंच मीनू राकेश शर्मा ने कहा कि परियोजना स्थापित करने के लिए ग्राम पंचायत द्वारा चारागाह की लगभग 4.30 एकड़ सरकारी जमीन विभाग को उपलब्ध कराई गई थी। उस समय विभाग के अफसरों ने पंचायत को यह भरोसा दिलाया गया था कि परियोजना में काम के दौरान स्थानीय स्तर के युवाओं को रोजगार हेतु प्राथमिकता दी जाएगी।

सरपंच श्रीमती शर्मा का आरोप है कि अब परियोजना से संबंधित काम में स्थानीय युवाओं को अपेक्षित अवसर नहीं मिल रहा है और नियुक्तियां ऊपर के स्तर से किए जाने की बात सामने आ रही है। पंचायत की ओर से आपत्ति जताए जाने के बाद भी संबंधित विभागीय अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।

“स्थानीय युवाओं को अवसर नहीं मिला तो सड़क की लड़ाई लड़ेंगे”

सरपंच शर्मा ने कहा कि पंचायत की जमीन परियोजना के लिए उपलब्ध कराने के बाद स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की उम्मीद थी। यदि स्थानीय युवाओं को अवसर नहीं दिया गया तो पंचायत इस मुद्दे को लेकर आगे आंदोलन का रास्ता अपनाएगी। उन्होंने इसे पंचायत के साथ किए गए आश्वासन के विपरीत बताया और कहा कि स्थानीय युवाओं को अवसर दिलाने के लिए सड़क की लड़ाई लड़ी जाएगी।

इस तरह एक ओर जहां 42.33 करोड़ रुपए की विद्युत परियोजना के शुरू होने से 67 गांवों और करीब 35 हजार उपभोक्ताओं को बिजली व्यवस्था में राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय रोजगार और पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी का मुद्दा भी सामने आ गया है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग पंचायत की आपत्तियों और स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग पर क्या कदम उठाता है।

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