YC न्यूज़ डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए वैश्विक तनाव और संघर्ष के बीच भगवान गौतम बुद्ध के शांति और आत्मसंयम के विचारों को आज के समय में बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया अशांति और टकराव के दौर से गुजर रही है, तब बुद्ध का संदेश मानवता को दिशा देने वाला है। प्रधानमंत्री ने आगामी बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर देशवासियों को अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान बुद्ध ने हमें सिखाया कि शांति हमारे भीतर से शुरू होती है और स्वयं पर विजय ही सबसे बड़ी विजय होती है।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत ने हमेशा विज्ञान को प्रगति से जोड़ा है और देश ‘विकसित भारत’ के संकल्प को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने पवन ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि देश की विंड एनर्जी क्षमता 56 गीगावॉट से अधिक हो चुकी है और पिछले एक वर्ष में ही करीब 6 गीगावॉट की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि गुजरात, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्य इस क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। खासकर गुजरात के कच्छ, पाटन और बनासकांठा जैसे क्षेत्रों में बड़े रिन्यूएबल एनर्जी पार्क विकसित हो रहे हैं, जिससे युवाओं के लिए रोजगार और नए अवसर पैदा हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने दक्षिण अमेरिका के चिली में भगवान बुद्ध के विचारों को आगे बढ़ाने वाले प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि लद्दाख में जन्मे ड्रबपोन ओत्जर रिनपोचे के मार्गदर्शन में वहां एक संस्था ध्यान और करुणा के संदेश को जन-जन तक पहुंचा रही है।
गौरतलब है कि ‘मन की बात’ के पिछले एपिसोड में प्रधानमंत्री ने वैश्विक संघर्षों, खासकर ईरान-अमेरिका तनाव और उससे उत्पन्न ऊर्जा संकट का जिक्र करते हुए कहा था कि भारत इन चुनौतियों का मजबूती से सामना कर रहा है। इस बार के एपिसोड में जहां एक ओर आध्यात्मिक मूल्यों पर जोर दिया गया, वहीं दूसरी ओर भारत की तकनीकी और ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति को भी रेखांकित किया गया।