रायपुर। छत्तीसगढ़ में हॉकी को प्रोफेशनल प्लेटफॉर्म देने की दिशा में नई पहल शुरू हो गई है। अक्टूबर में प्रस्तावित छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का पहला सीजन 21 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। लीग के जरिए प्रदेश के युवा और स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभवी हॉकी खिलाड़ियों के साथ खेलने और फील्ड टैक्टिक्स सीखने का अवसर मिलेगा। मंगलवार को उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव ने लीग के लोगो और मैस्कॉट का अनावरण किया। आयोजकों के अनुसार, यह हॉकी इंडिया से मान्यता प्राप्त राज्य-संचालित प्रोफेशनल हॉकी लीग होगी। टूर्नामेंट के सभी मुकाबले सरदार वल्लभ भाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में खेले जाने प्रस्तावित हैं।
400 खिलाड़ियों ने कराया रजिस्ट्रेशन
लीग की ऑनलाइन चयन प्रक्रिया में करीब 400 खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद इनमें से 108 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। इन खिलाड़ियों को छह फ्रेंचाइजी टीमों में बांटा जाएगा। चयनित खिलाड़ियों को प्रतियोगिता शुरू होने से पहले 9 दिन के विशेष प्रशिक्षण कैंप से भी गुजरना होगा। कैंप के दौरान उन्हें प्रोफेशनल स्तर की तैयारी और मैच परिस्थितियों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा।
छह टीमों में दिखेगा प्रदेश का टैलेंट
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में छह टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें राजधानी रॉयल्स, चित्रकूट चैलेंजर्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटंस शामिल हैं। इन टीमों के नामों के जरिए रायपुर, बस्तर, राजनांदगांव, रायगढ़, बिलासपुर और सरगुजा जैसे प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की पहचान को लीग से जोड़ा गया है।
ओलिंपिक मेडलिस्ट्स के साथ खेलने का मिलेगा मौका
लीग की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि स्थानीय खिलाड़ियों को अनुभवी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ मैदान साझा करने का अवसर मिलेगा। आयोजकों के अनुसार, ओलिंपिक पदक विजेता गुरजंत सिंह, शमशेर सिंह और सुरेंदर कुमार समेत भारतीय हॉकी से जुड़े कई अनुभवी खिलाड़ी लीग का हिस्सा होंगे। इसके अलावा जसकरण सिंह और देविंदर वाल्मीकि के नाम भी घोषित किए गए हैं। स्थानीय खिलाड़ियों के लिए ऐसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलने से मैच की रणनीति, फिटनेस, पासिंग, डिफेंस और फील्ड टैक्टिक्स को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
स्थानीय खिलाड़ियों के लिए क्यों अहम है लीग?
लीग को केवल बड़े खिलाड़ियों के प्रदर्शन तक सीमित रखने के बजाय प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए टैलेंट प्लेटफॉर्म के तौर पर विकसित करने की योजना है। 108 स्थानीय खिलाड़ियों को प्रोफेशनल माहौल में हाई-इंटेंसिटी मुकाबले खेलने और अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने का अनुभव मिलेगा। अगर लीग लगातार आयोजित होती है और यहां से खिलाड़ियों को हॉकी इंडिया के राष्ट्रीय टूर्नामेंटों और उच्च स्तरीय चयन शिविरों तक पहुंचने का अवसर मिलता है, तो यह छत्तीसगढ़ में हॉकी के लिए मजबूत टैलेंट पाइपलाइन तैयार कर सकती है।
9 दिन के कैंप में होगी खिलाड़ियों की तैयारी
लीग से पहले आयोजित होने वाले नौ दिवसीय विशेष कैंप को खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें चयनित खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के दबाव, टीम रणनीति और आधुनिक हॉकी की तकनीकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन से उम्मीद है कि इससे प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा साबित करने के लिए बड़ा मंच मिलेगा और राज्य में हॉकी को प्रोफेशनल स्तर पर नई पहचान हासिल करने का रास्ता खुलेगा।