रायपुर। राज्य सरकार ने प्रदेश में किडनी मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। किडनी सेंटर खोलने के लिए सभी जिलों में सर्वे शुरू कर दिया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों से मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और ग्रामीण अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंच रहे किडनी मरीजों का विस्तृत ब्यौरा मांगा गया है। जिस जिले में मरीजों की संख्या अधिक पाई जाएगी, वहां प्राथमिकता से नए डायलिसिस सेंटर खोले जाएंगे। सरकार ने बजट में 25 नए सेंटर खोलने की घोषणा की है।
इन जिलों में ज्यादा मरीज
प्राथमिक पड़ताल में सामने आया है कि गरियाबंद, महासमुंद, कवर्धा, बेमेतरा और सूरजपुर में अन्य जिलों की तुलना में किडनी मरीजों की संख्या अधिक है। इन जिलों के जिला अस्पतालों में फिलहाल केवल 4 से 5 डायलिसिस मशीनें ही उपलब्ध हैं, जबकि कुछ बड़े सेंटरों में 10-10 मशीनें संचालित हो रही हैं। अधिकारियों के अनुसार गरियाबंद समेत इन जिलों में नए सेंटर खोलने की योजना है। सरहदी जिलों में भी मरीजों की संख्या अधिक पाई गई है, क्योंकि पड़ोसी राज्यों से भी मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं। इन क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य विभाग की टीमों के माध्यम से सर्वे कराया जा रहा है।
डीकेएस में 50 मशीनें बंद
राज्य में अनुमानित 25 लाख से अधिक किडनी मरीज हैं, जिनमें से करीब 2 लाख मरीज डायलिसिस की स्थिति में हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में उनका नियमित डायलिसिस किया जा रहा है। डीकेएस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में वर्तमान में केवल 11 डायलिसिस मशीनें चालू हैं, जबकि 50 मशीनें अलग-अलग कारणों से बंद पड़ी हैं। जानकारी के अनुसार अधिकांश मशीनों का मेंटेनेंस नहीं हो पा रहा है।
विशेषज्ञ उपचार केवल राजधानी में
जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन विशेषज्ञ इलाज के लिए मरीजों को राजधानी रायपुर आना पड़ता है। डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल और डीकेएस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में ही नेफ्रोलॉजिस्ट उपलब्ध हैं। डीकेएस के नेफ्रोलॉजी विभाग में प्रतिदिन औसतन 40 मरीजों की जांच होती है, जिनमें 18 से 20 नए मरीज शामिल रहते हैं।
महासमुंद में विशेष जांच
महासमुंद जिले के कुछ इलाकों में किडनी मरीजों की संख्या अचानक बढ़ी है। यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर और डीकेएस अस्पताल के विशेषज्ञों की टीम सर्वे कर रही है। पानी की गुणवत्ता सहित अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है, ताकि बढ़ते मामलों की वजह स्पष्ट हो सके।
जल्द मिलेगी राहत: स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि सरकार किडनी मरीजों को जल्द राहत दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से बजट में 25 नए सेंटर खोलने का प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने कहा कि मरीजों को डायलिसिस के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए चरणबद्ध तरीके से सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।