19 गांवों की प्यास बुझाने वाली योजना में वेस्ट इंडिया कंपनी और पीएचई विभाग की गंभीर लापरवाही उजागर
जामगांव आर। केंद्र की मोदी सरकार की ड्रीम प्रोजेक्ट जल जीवन मिशन के तहत मल्टी विलेज योजना का निर्माण कार्य इन दिनों भारी लापरवाही और उदासीनता का शिकार हो रहा है। योजना के अंतर्गत पाटन ब्लॉक में खारुन नदी के तट पर ओदरागहन में बनाए जा रहे इंटेकवेल से 19 गांवों को शुद्ध पेयजल मिलना है, लेकिन वेस्ट इंडिया कंस्ट्रक्शन कंपनी और पीएचई विभाग की गैरजिम्मेदाराना रवैये के चलते ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार विगत 15-20 दिनों से अकतई और बेल्हारी मुख्य मार्ग में खुदाई कर गड्ढा छोड़ दिया गया है, जिससे राहगीरों को जान का खतरा बना हुआ है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा बार-बार अधिकारियों को फोन किए जाने के बावजूद विभाग चुप्पी साधे हुए है।
जनप्रतिनिधियों की अवहेलना ,जनता की आवाज़ की अनदेखी
वेस्ट इंडिया कंपनी के कर्मचारी जितेंद्र बख्शी और पार्थ सारथी, जनप्रतिनिधियों से सीधे संवाद करने के बजाय या तो मुंह छिपाते फिर रहे हैं या गोलमोल जवाब दे रहे हैं। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी में भारी चूक हो रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व में भी निर्माण कार्य में गंभीर गुणवत्ता की शिकायतें जिलाधिकारी तक पहुंची थीं, तभी जाकर सुधार हुआ था। अब फिर वही स्थिति बनती नजर आ रही है।
सरकारी संपत्ति को भी नहीं बख्शा !
ओदरागहन के ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार के कर्मचारियों ने एक शासकीय भवन को नुकसान पहुंचाया, वहां गंदगी फैलाई और विद्युत उपकरण चोरी कर ले गए। इस पर विभाग को सूचना देने के बावजूद अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। ग्रामीणों ने चेताया कि मामले में जल्द कार्यवाही नही हुई तो उच्चाधिकारियों से शिकायत करेंगे ।