रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आगामी 7 जुलाई को आयोजित होने जा रही “किसान-जवान-संविधान जनसभा” को लेकर कांग्रेस पार्टी ने तैयारियों का शंखनाद कर दिया है। इस अहम राजनीतिक कार्यक्रम में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। कांग्रेस इसे केवल एक जनसभा नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का आंदोलन मान रही है।
इस जनसभा को ऐतिहासिक बनाने के लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (सीपीसीसी) ने सभी जिलों के लिए प्रभारी नियुक्त किए हैं। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने निर्देश दिया है कि नियुक्त प्रभारी जल्द से जल्द अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में जाकर ब्लॉक, नगर और जिला कांग्रेस कमेटियों के साथ बैठकें करें और मोर्चा संगठनों, विभागों व प्रकोष्ठों को सक्रिय करें।
तय की गई हैं प्रमुख जिम्मेदारियां:
- जनसभा में अधिकतम संख्या में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना।
- स्थानीय विधायक, पूर्व प्रत्याशी और वरिष्ठ नेताओं के साथ तालमेल बनाना।
- प्रचार-प्रसार और जनसंपर्क को तेज करना।
- हर जिले से भारी संख्या में कार्यकर्ताओं और आम जनता को रायपुर लाना।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने साफ कहा, “यह सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि किसानों, जवानों और संविधान के सम्मान की लड़ाई है। हम सबको मिलकर यह साबित करना है कि छत्तीसगढ़ की जनता अब भी लोकतंत्र और न्याय की सबसे मजबूत आवाज है।”
जनसभा में छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं, किसान प्रतिनिधियों, पूर्व सैनिकों और संविधानप्रेमियों की बड़ी भागीदारी की उम्मीद जताई जा रही है। कांग्रेस इसे आगामी राजनीतिक दिशा तय करने वाले प्रमुख आयोजनों में से एक मान रही है।
राजनीतिक दृष्टिकोण से अहम
विशेषज्ञ मानते हैं कि लोकसभा चुनाव के बाद यह जनसभा कांग्रेस के लिए संगठन में नई ऊर्जा भरने और राज्य में विपक्ष की भूमिका को सशक्त करने का प्रयास है। खड़गे की मौजूदगी इसे राष्ट्रीय महत्व का आयोजन भी बना रही है।
जनसभा को लेकर रायपुर सहित सभी जिलों में प्रचार अभियान शुरू हो चुका है और सोशल मीडिया से लेकर जमीन तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर दिया गया है।