पाटन। पाटन विधानसभा क्षेत्र के नगर पालिका परिषद अमलेश्वर अंतर्गत अमलेश्वरडीह स्थित शासकीय प्राथमिक शाला का भवन वर्षों पुराना और अत्यंत जर्जर हो चुका है। बावजूद इसके, यहां लगभग 80 छात्र-छात्राएं उसी खस्ताहाल भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। भवन की स्थिति ऐसी है कि किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं शाला प्रबंधन समिति ने एकजुट होकर छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव के नाम ज्ञापन सौंपते हुए सर्वसुविधायुक्त नए स्कूल भवन की स्वीकृति की मांग की है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि लंबे समय से नए भवन की स्वीकृति लंबित है, जिससे बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था दोनों प्रभावित हो रही हैं।
नगरवासियों ने जर्जर भवन की स्थिति से अवगत कराते हुए जिला कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी पाटन एवं थाना प्रभारी को भी आवेदन सौंपा है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही नए भवन की स्वीकृति नहीं दी गई, तो अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर सकते हैं और शाला में तालाबंदी कर आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
मांग करने वालों में पालिका उपाध्यक्ष ओमप्रकाश साहू, समाजसेवी रामाधार साहू, पार्षद मालती साहू, पार्षद डोमन यादव, गिरधर साहू, ताम्रध्वज साहू, चैनसिंह साहू, कीर्ति यादव, भागी साहू, घासी यादव, जयप्रकाश साहू, राजेंद्र मेश्राम सहित अन्य शामिल हैं। समाजसेवी रामाधार साहू ने कहा कि वर्षों से नए भवन की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि “हम अपने बच्चों की जान जोखिम में डालकर जर्जर भवन में पढ़ाई नहीं करा सकते। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो नगरवासी तालाबंदी कर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।”