रानीतराई। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने की दिशा में चांदनी चौक भनसुली में अक्ती तिहार के पावन अवसर पर पारंपरिक ‘पुतरा-पुतरी विवाह’ का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन में गांव के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने पूरे रीति-रिवाज और उत्साह के साथ विवाह की रस्में निभाईं, जिसने उपस्थित ग्रामीणों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान टिकावन की रस्म विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं वर्तमान विधायक प्रतिनिधि अशोक साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने पुतरा-पुतरी को तिलक लगाकर आशीर्वाद दिया और इस परंपरा को जीवित रखने वाले परिजनों की सराहना की।
अपने संबोधन में अशोक साहू ने कहा कि अक्ती तिहार केवल एक पर्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान और माटी की सुगंध है। उन्होंने कहा कि पुतरा-पुतरी विवाह जैसी परंपराएं बच्चों में संस्कार, सामाजिकता और अपनी जड़ों से जुड़ाव पैदा करती हैं। आधुनिक दौर में जब बच्चे मोबाइल और टीवी में व्यस्त हैं, ऐसे आयोजन उन्हें अपनी संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनते हैं। गांव के बुजुर्गों ने भी इस अवसर पर अक्ती तिहार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पर्व कृषि संस्कृति का प्रतीक है, जिसमें अच्छी फसल और समृद्धि की कामना के साथ पुतरा-पुतरी विवाह कराया जाता है। कार्यक्रम में दानी राम तारक, डॉ. के.के. साहू, टुकेश निर्मलकर, किशोर साहू, वीणा तारक, कुमकुम तारक, प्रतिज्ञा सेन, भूमि सेन, जानू तारक, मोतिम तारक, सालू निर्मलकर, दामिनी निर्मल, आरती, चिंकी साहू, पूजा साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।